कोरोना की तीसरी लहर में इस उम्र के बच्चों को हैं खतरा ,पढिए क्या चेतावनी दी हैं वैज्ञानिको ने, कैसे बचे इससे - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना की दूसरी लहर अभी थमी भी नहीं हैं साथ ही दूसरी लहर ने शहर के कई परिवारों को बडा दर्द दिया है। कई परिवारों के पिता पुऋ माता को छीन लिया तो किसी के सिर से पिता का साया उठ गया तो कहीं दादा और नाती को भी अपनी जान से हाथ धोना पडा।

ऐसे में अब तीसरी लहर की चेतावनी वैज्ञानिकों ने देना शुरू कर दिया है और वैज्ञानिकों का कहना है कि कई राज्यों में बच्चों को भी कोरोना ने अपनी गिरफत में ले लिया है ऐसे में तीसरी लहर बच्चों पर खतरा बनेगी। इसलिए बच्चों का विशेष खयाल रखना होगा जिससे उन्हेंं कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बचाया जा सके।

अस्पतालों में बढाने होंगे इंतजाम

वैज्ञानिकों की चेतावनी के बाद प्रदेश के सभी अस्पतालों में तीसरी लहर से निपटने के लिए विशेष इंतजाम करने की बात कही जा रही है। साथ ही ऑक्सीजन वेड भी बढाने पर जोर दिया जा रहा है। इतना ही नहीं जिन लोगों को वैक्सीन नहीं लगी उनकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। इतना ही नहीं सब लोगों को वैक्सीन लगे इसके लिए भी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

प्रोटीन से भरपूर डाईट दें बच्चों को

डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को प्रोटीन से भरपूर डाईट दें जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढेगी और वे कोरोना से लड सकेंगे। इसके लिए बच्चों को नियमित रूप से दाल, अंडा, पनीर, सोया बडी सहित अन्य प्रोटीन युक्त आहार दिया जाए जिससे वह अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढा सकें।

12 से 17 तक के बच्चों को खतरा

वैज्ञानिकों का कहना है कि छोटे बच्चों सहित 12 से 17 साल तक के बच्चों के लिए तीसरी लहर खतरा बन सकती है। इसलिए इन बच्चों के लिए विशेष सावधानी से रखा जाए। मास्क पहनकर ही बच्चे बाहर निकलें। इतना ही अपने हाथों को सेनेटाइज करते रहें और साबुन से हाथ धोंए व नियमित रूप से भाप का सेवन करें जिससे कोरोना को हराया जा सके।

कई राज्यों में बच्चे हैं कोरोना के शिकार

देश में जिस तरह से कोरोना ने बच्चों को अपनी गिरफत में लिया है उससे साफ है कि अब कोरोना किलर बच्चों को भी नहीं छोड रहा है। उत्तराखंड सहित यूपी व कई अन्य राज्यों में किलर कोरोना ने बच्चों को अपनी गिरफत में लिया है और यह आंकडा 10 हजार के पार हो चुका है। ऐसे में बच्चों को विशेष ध्यान रखना जरूरी है।