कोरोना काल में प्रायवेट कोचिंग संचालकों के सामने भूखे मरने की नौबत - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना ने हर कारोबार को नुकसान दिया है। शिक्षा के जरिए अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले शिक्षक भी इन दिनों बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। कॉम्पटीशन एग्जाम की तैयारी कराकर अपने परिवार की नैया पार लगाने वाले शिक्षक आज बेरोजगार है। उनका कहना है कि दो साल हो गए हैं कारोबार तो ठप्प है ही साथ ही अब तो सरकार ने दो साल से कोई भी काम्पटीशन वाले एग्जाम नहीं कराएं हैं जिससे छात्र भी बेरोजगारी का दंश झेलने को मजबूर हैं।

कोचिंग से चलता था घर, अब हो रही परेशानी

कॉम्पटीशन एग्जाम की तैयारी करवाने वाले मनीष सर का कहना है कि दो साल से कोरोना के चलते उनकी कोचिंग का व्यवसाय पूरी तरह से ठप्प हो गया है और अभी उम्मीद भी नहीं है कि सरकार कोचिंग कब खोलेगी। ऐसे में घर का दारोमदार उन पर है और बच्चों सहित पत्नी का खर्चा और खुद का खर्चा उठाने में परेशानी हो रही है क्योंकि जो जमा पूंजी थी उसे ही खा रहे थे अब तो वह भी खत्म हो गई है ऐसे में परिवार कैसे चलाएं कुछ समझ नहीं आ रहा। क्योंकि पढाने के अलावा और कोई दूसरा काम नहीं किया है।

पकौडे बेचे या फिर सब्जी या फल

कॉम्पटीशन एग्जाम की तैयारी कर रहे नितिन का कहना है कि दो साल से कोरोना के चलते कोई भी एग्जाम नहीं हुए हैं। जो एग्जाम हुए उनका भी रिजलट रोक दिया है। ऐसे में अब चार साल से तैयारी कर रहा था अब तो वह भी परेशान हो गया है। नितिन का कहना है कि क्या सरकार युवाओं से पकौडे बिचवाकर या सब्जी बिकवाकर उन्हें आत्म निर्भर बनाने की कोशिश में हैं। सरकार को जल्द नौकरियों में भर्ती निकालनी चाहिए।