CORONA पहली लहर में पिता तो दूसरी में मां की मौत, 5 बच्चे अनाथ, प्रशासन मानने तैयार नहीं - Shivpuri News

शिवपुरी। वैसे तो कोरोना ने पूरे विश्व को तोडकर रख दिया है। परंतु शिवपुरी में एक ऐसा परिवार भी है जिसने कोरोना की दोहरी मार झेली है। अब हालात यह है कि इस परिवार के दोनों मुखियाओं को कोरोना ने छीन लिया जिससे उसके पांच बच्चे अनाथ हो गए है। बच्चो के उपर से माता पिता का साया छिन जाने से अब दर दर की ठौकर खाने को मजबूर है। जिसके चलते इनके मामा आगे आए है और पांचों बच्चों को अपने साथ बैराड ले गए है।

जानकारी के अनुसार ग्राम इंदार में पांच भाई बहनों से अपने माता-पिता का साया उठने के बाद मामा के यहां आ गए हैं। क्योंकि उनके गांव में अब उनका कोई सहारा नहीं है। 3 बहनें एक छोटी बहन एक छोटा भाई आखिर बेसहारा बिना आजीविका साधन के कहां रहें। जिले के गांव में नंदकिशोर सोनी के परिवार पर ग्रहण लगना उसी समय शुरू हो गया, जब परिवार के मुखिया 5 बच्चों के पिता नंदकिशोर सोनी कि पिछले वर्ष फरवरी में अचानक मौत हो गई।

परिजन को डॉक्टरों ने उनकी मौत को हृदय गति रुकने से होना बताया है, जबकि कोरोना के प्रथम चरण में उनकी मौत परिजन के अनुसार कोरोना से हुई है। इतना ही नहीं दूसरी कोरोना की लहर में 5 बच्चों को जैसे तैसे पाल रही मां गुड्डी वाई सोनी की कोरोना संक्रमित होने से 29 अप्रैल को मृत्यु हो गई।

इसके बाद भी प्रशासन उन्हें कोरोना से मौत नहीं मान रहें हैं। माता-पिता की मौत के बाद 5 बच्चे बने बेसहारा पहली लहर में पिता और दूसरी लहर में माता का निधन होने से 5 बच्चों पर मां की मृत्यु के बाद मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। विनय बैराड़ में रह रहे उनकी मामा नारायण प्रसाद सोनी अपने घर ले आए।

उनका भी परिवार बड़ा है लेकिन लोक लाज से 5 जवान भाई बहनों को अपने घर में रख रहे हैं। माता-पिता दोनों की मृत्यु के बाद शालू सोनी उम्र 22 वर्ष, भावना सोनी 20 वर्ष, लक्ष्मी सोनी 18 वर्ष, मोनिका सोनी 16 वर्ष एवं सबसे छोटा भाई जितेंद्र सोनी 14 वर्ष है जो माता-पिता दोनों की मृत्यु के बाद शासन प्रशासन से सहायता मिलने के इंतजार में हैं। फिलहाल पांचों जवान बच्चों का कोई सहारा नहीं होने पर उसके मामा उन्हें बैराड़ ले आए हैं। सभी को शासन से सहायता की दरकार है।