कर्मचारी की रिश्वत की लड़ाई के कारण पंचायत विभाग में हुई कामबंदी: मामला APO की मारपीट का - Shivpuri News

शिवपुरी। बरदवास जनपद पंचायत के एपीओ सचिन गुप्ता की मारपीट के विरोध में कर्मचारियो ने अघोषित हडताल करते हुए आज कामबंद कर दिया। मारपीट के विरोध में कर्मचारियों ने जनपद और जिला पंचायत में काम करना बंद कर दिया है जिससे पंचायतों का कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है।

भ्रष्टाचार को लेकर हुई मारपीट,पर्सनल लडाई में विभाग को किया शामिल

एपीओ सचिन गुप्ता के साथ मारपीट करने वालो के खिलाफ बदरवास थाने में मामला दर्ज करवाया था,और कहा था कि मारपीट करने वाले लगातार उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। सचिन गुप्ता ने ऐसी कोई बात का खुलासा नही किया कि मारपीट करने वाले युवक उसे कैसे और किस काम को लेकर ब्लैकमेल कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि यह मामला एक पंचायत के कमीशन को लेकर तुल पकडा था और इसी कमीशन के विवाद में यह मारपीट हुई हैं। इस मारपीट में कॉस मामला दर्ज किया गया हैं। सचिन गुप्ता पर भी थाने में एफआईआर हुई है,ओर इसी एफआईआर की जांच कराने का दबाव प्रशासन पर बनाया जा रहा है और उसकी रणनीति के तहत आज यह आंदोलन किया गया।

रिश्वत लेने की लडाई में रहा कामकाज ठप्प

जनपद और जिला पंचायत में कर्मचारियों ने कामकाज पूरी तरह से ठप्प कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक ब्लैकमेलर युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती है वह काम नहीं करेंगे क्योंकि उक्त युवक ने पंचायतों की झूठी शिकायतें कर लोगों से पैसा उगाने का काम कर रहा है।

सरपंचो का दल मिला जिला पंचायत CEO से, सौपा ज्ञापन

बदरवास क्षेत्र के कुछ सरंपच 9 जून को जिला पंचायत सीईओ से मिले और एक ज्ञापन सौंपा,इस ज्ञापन के माध्यम से इस दल ने कहा कि बदरवास के एपीओ सचिन गुप्ता के कार्यकाल की जांच कराई जाए इसमें प्रत्येक फाईल पर भ्रष्टाचार निकल कर आऐगा। दल ने कहा कि इनकी कई बार शिकायत की जा चुकी हैं लेनिक कोई कार्यवाही नही होती है। सचिन गुप्ता बिना रिश्वत लिए किसी भी फाईल को आगे नही बढाते हैं। गुप्ता के खिलाफ जांच की जाए और इनका ट्रांसफर भी किया जाए।

कभी दर्ज हो सकता हैं सचिन गुप्ता के खिलाफ हरिजन एक्ट का मामला दर्ज

बदरवास के एपीओ सचिन गुप्ता पर कभी भी हरिजन एक्ट का मामला दर्ज हो सकता है। भगवान सिंह ने बदरवास पुलिस को एक शिकायती आवेदन सौंपा हैं। इस आवेदन के अनुसार श्री गुप्ता ने जनपद के कार्यालय में भगवान सिंह के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की है और जाति सूचक गालिया भी दी है इस आवेदन पर पुलिस जांच कर रही है।

करैरा के डॉक्टर ने अपनी निजी लड़ाई को दिया था आंदोलन का रूप

अपनी निजी लडाई को लेकर सरकारी कर्मचारी आंदोलन का रूप बना लेते हैं। पूर्व में एक एक्सीटेड को लेकर करैरा के एक डॉक्टर ने अपनी निजी लडाई को एक आंदोलन का रूप दे दिया था जांच के बाद में डॉक्टर पर ही मामला दर्ज हो गया था।