जिले के 6 पंचायतों में 100% लोगों को लोग कोरोना से जीत की टीके: इस पंचायत में 0% प्रतिशत - Shivpuri News

शिवपुरी। वैक्सीनेशन का महाअभियान शुरू हो चुका हैं,वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करने के लिए शासन सहित धर्म गुरू,एडवोकेट और जनप्रतिनिधि लोगो को प्रेरित कर रहे हैं। सोमवार को इस महाअभियान में 30 हजार लोगो को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा था जिसमें 80 प्रतिशत टारगेट को अचीव किया गया थां। जिले में 6 ग्राम पंचायते ऐसी हैं जहां 100 प्रतिशत लोगो को वैक्सीनेशन हो चुका हैं,लेकिन जिले में कई गांव ऐसे भी हैं जहां का प्रतिशत मुंह चिढाने वाला है।

जिले की 6 ग्राम पंचायते जहां प्रशासन 100 प्रतिशत कोरोना से जीत के टीके लग चुके हैं उनमें से तीन पंचायतें शिवपुरी विधानसभा की रातौर, सतेरिया, और गंगोरा शामिल हैं। इसके अलावा कोलारस विस की भी तीन पंचायतें हैं, जिनमें धंदेरा, गिंदौरा और तेंदुआ पंचायत शामिल है। शिवपुरी प्रदेश का एकमात्र ऐसा जिला है, जिसकी सौ फीसदी वैक्सीनेशन वाली प्रदेश की टॉप टेन सूची में छह पंचायतें शामिल हैं।

शिवपुरी की पंचायतें तीसरे से नौवें नंबर तक दर्ज हैं। इसमें सभी पात्र लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। जिन्हें वैक्सीन लगना रह गई है, उनमें वे लोग शामिल हैं, जो इसके लिए पात्र नहीं हैं। जैसे गर्भवती महिलाएं, एलर्जी या अन्य बीमारियों के मरीज, कोरोना पॉजिटिव होने के बाद पर्याप्त दिनों का अंतर पूरा न होने के कारण लोग वैक्सीन से वंचित हैं।

शिवपुरी की रातोर पंचायत में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया महिलाओं से बातचीत करने गई थी। इस दौरान यहां 70 प्रतिशत वैक्सीनेशन इसलिए हो सका था क्योंकि गांव के 96 वर्ष के बुजुर्ग दादा अक्षय राज रावत और बाबूलाल परिहार 75 वर्ष वह शख्स थे जिन्होंने पड़ोसी गांव तानपुर में महीने भर पहले जब वैक्सीन लगी थी तब सबसे पहले जाकर वैक्सीन लगवाई थी।उनके हौसले को देखकर गांव के युवा और अन्य लोग भी प्रेरित हुए, लेकिन 30 फीसदी लोग वैक्सीनेशन के लिए बाकी थे। ऐसे में जब मंत्री राजे ने गांव में दौरा कर लोगों को समझाइश दी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पूरी टीम गांव में उतारी तो एक ही दिन में इस पंचायत का नजारा बदल गया।

गिंदौरा:विधायक रघुवंशी की जन्मभूमि 100% टारगेट अचीव

गंगोरा पंचायत में जहां शिक्षा विभाग के राजेंद्र पिपलोदा और उनकी टीम के साथ गांव के लोगों ने सहयोग दिखाकर वैक्सीनेशन में मदद की। यहां कभी एचआईवी संक्रमित रहे व्यक्ति को भी वैक्सीन लगाई गई। पहले वह वैक्सीन को इसलिए लगवाना नहीं चाह रहे थे क्योंकि उन्हें डर था कहीं वैक्सीन लगने से उनकी मौत ना हो जाए।लेकिन जब गांव में समझाइश दी गई तो उसके परिणाम भी सार्थक नजर आए। कोलारस विस की धंदेरा ग्राम पंचायत में आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ वैक्सीनेशन में एएनएम सरोज जैन की भूमिका अहम रही।

पोहरी की मढ़खेड़ा पंचायत: यह प्रतिशत मुँह चिढाने वाला

पोहरी जनपद की मडखेड़ा पंचायत में वैक्सीनेशन नहीं हो सका। यहां ग्रामीणों ने वैक्सीनेशन को गई टीम को वापस भेज दिया। बीएमओ डॉ शशांक चौहान की मानें तो गांव में वैक्सीनेशन को प्रेरित करने अधिकारियों की टीम गई लेकिन गांव के लोगों ने बीमार होने के डर मौत के भय के चलते वैक्सीन नहीं लगवाई।

गांव में आदिवासियों की संख्या भी अधिक है, लेकिन सरपंच पति शिव प्रताप का दावा है कि मडखेड़ा में 6 और उमरईं में 2 लोगों को वैक्सीन लगी। जिसमें उसके परिवार के लोग शामिल हैं। ककरा गांव में वैक्सीन नहीं लगी। ग्रामीण डर रहे हैं और हम उन्हें समझाइश देने का प्रयास कर रहे हैं।

6 ग्राम पंचायतें नजीर बनी हैं

6 ग्राम पंचायतें वैक्सीनेशन को लेकर नजीर बनी हैं, जिन्हें प्रदेश स्तर पर भी टॉप रैंक हासिल होने का अवसर मिला है। सरकार द्वारा वैक्सीन की उपलब्धता और टीम द्वारा किए जा रहे सामूहिक प्रयास से यह सफलता मिली। जहां कम वैक्सीनेशन हुआ वहां जागरूकता के और विशेष प्रयास करेंगे।
अक्षय कुमार सिंह,कलेक्टर शिवपुरी