किसानों के खातों में आया 370 करोड़, किसान खुश पर व्यापारियों के चेहरों पर मुस्कहारट: पढिए क्यों - Shivpuri News

शिवपुरी। लगभग 50 दिन के लॉकडाउन के बाद बाजार अनलॉक हुए,लॉकडाउन में कारोबार पूरी तरह से बंद था अब 1 जून से बाजारो ने रफ्तार नही पकडी,लेकिन अब बाजार के लिए एक गुड न्यूज आई कि जिले के किसानो को खाते में 370 करोड रूपए उनकी उपज का आया हैंं। पैसा तो किसानो के खाते में आया है लेकिन इस पैसे की चमक व्यापारियो के चेहरो पर भी देखी जा रही है।

जैया कि विदित है कि कोरोना का संक्रमण जितना तेज हुआ उतना ही बाजार की रफ्तार कम हो गई। लेकिन अब संक्रमण धीरे—धीरे कम हो रहा हैं वैसे ही बाजार अपनी रफ्तार पकड रहे हैं। शिवपुरी के बाजारो के ब्लास्ट खबर यह भी है कि गेंहू उपार्जन पूरा होने के बाद किसानों के खातों में 350 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शासन डाल चुका है। यह पैसा घूमकर बाजार में ही आएगा क्योंकि किसान वर्षभर खरीदारी के लिए फसल बेचने का का ही इंतजार करता है।

26 जून के बाद कभी भी मानसून अंचल में पहुंच सकता है। मानसून के आने के बाद खरीफ की बोवनी शुरू हो जाएगी। खरीफ की बोवनी शुरू होने से खाद व बीज मार्केट में बूम आएगा। इस बार अधिकतर किसानों ने अपना गेहूं सरकारी कांटों पर बेचा है। साथ ही बाजार में मसूर व चने का भाव भी अच्छा मिला है।

मानसून सीजन के चलते बाजार में भीड़ भी नजर आने लगी है। इस वर्ष किसानों ने कुल 532 करोड़ रुपये का गेंहू बेचा है। पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर 2.54 लाख मीट्रिक टन गेंहू की खरीदी की गई थी। जबकि इस बार कोरोना महामार का प्रकोप होने के बाद भी 2.69 लाख मीट्रिक टन गेंहू खरीदा गया।

यह व्यवसाय सीधे किसानो से जुडे हैं

25 जून के बाद खरीफ की बोवनी शुरू हो जाएगी। खाद, बीज, डीजल व दवाइयों पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च होना है। खाद, बीज, डीजल व दवाइयों के मार्केट को इससे काफी राहत मिलेगी। 50 फीसद पैसा इसी पर खर्च होना है।मई में शादियां नहीं हो सकी थीं। गांव में भी लोगों ने शादियों को स्थगित कर जून के लिए आगे बढ़ा दिया था। शादियों की वजह से कपड़ा, सोना व आटो मोबाइल,इलैक्ट्रिोनिक्स,बर्तन,फनीचर,किराना और कपडा व्यवसाय की मंदी दूर हो सकती है।

खेती लाईफ लाईन हैं शिवपुरी के बाजार की

शिवपुरी जिले में कोई भी बडी फैक्ट्री न होने के कारण खेती हैं शिवपुरी की बाजार की लाइफ लाईन हैं। 532 करोड रूपए का गेहूं सरकार ने खरीदा हैं। 370 करोड रूपए किसानो की खाते में आऐगा। शेष पैसा आना बाकी हैं एक अनुमान के अनुसार 1 हजार करोड रूपए का खेती इस वर्ष अपना कारेाबार करेगी। सरकारी आंकडो में 532 करोड का गेहूं खरीदा गया हैं इसके अतिक्ति अन्य फसले भी किसान करता है।