नवजात को दफनाने के बाद रात भर पत्नी के शव के साथ बैठा रहा, नही मिला सरकारी वाहन - Shivpuri News

शिवपुरी। बीती रात लगभग 12 बजे एक प्रसुता की प्रसव के दौरान जच्चा बच्चा की मौत हो गईं। प्रसुता की मौत के बाद हॉस्पिटल के प्रबंधन प्रसुता की डेडबॉडी को घर पहुचाने के लिए वाहन भी उपलब्ध नही कर पाया। प्रसुता का पति अपने नवजात को दफन करने के बाद अपनी मरी हुई पत्नि के पास रात भर बैठकर रोता रहा।

जानकारी के अनुसार मगरौनी निवासी लाली प्रजापति उम्र 35 साल पत्नि धर्मेन्द्र प्रजापति को प्रसव के लिए 6 जून को शिवपुरी जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। 8 जून की रात 12 बजे के लगभग लाली का प्रसब कराया गया। पांचवी डिलेवरी होने के कारण लाली शरीरिक रूप से कमजोर थी इस कारण डिलेवरी के समय लाली और उसके नवजात की मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि अपने नवजात को दफन करने के बाद पति धर्मेन्द्र ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरो से अपनी पत्नि की डेडबॉडी मगरौनी भेजने के लिए वाहन उपलब्ध कराने के लिए कहा। लेकिन डॉक्टरो ने वाहन उपलब्ध न होेने की बात कह दी। धर्मेन्द्र की मां ने भी डॉक्टरो के हाथ पैर जोडे की हम गरीब है हम पर किराए का वाहन करने की व्यवस्था नही हैं,पर डॉक्टरो ने वाहन उपलब्ध नही कराया।

जानकारी मिल रही है कि धमेन्द्र अपनी पत्नि की डेडबॉडी के साथ अस्पताल में रात भर बैठकर रोता रहा और लोगो से मदद की गुहार लगाता रहा। सुबह 6 बजे एक युवक परमानंद शर्मा धर्मेन्द्र के पास पहुंचा और रोने का कारण पूछा तो धर्मेन्द्र ने पूरी कहानी बताई की मरी हुई पत्नि को घर ले जाना है वाहन के लिए पैसे नही हैं। बताया जा रहा है परमानंद शर्मा ने अपने खर्चे पर प्राईवेट एंबुलैंस उपलब्ध कराई फिर लाली की डेडबॉडी को मगरौनी पहुंचाया गया।