डीन नही डॉन: मेडिकल कॉलेज में अटेंडर कर रहे है रतजगा, न शौचालय न पानी - Shivpuri News

शिवपुरी। मेडीकल कॉलेज में कोरोना का आइसोलेशन वार्ड सहित आईसीयू तैयार किया गया है ऐसे में मरीजों के अटेंडरों को यहां कोई व्यवस्था तक नहीं हैं। वे बारिश और धूप के बीच कालेज के बाहर खडे नजर आते हैं। इतना ही नहीं उनके लिए न तो पीने का पानी और न ही छांव का ही इंतजाम किया गया है जिससे मरीजों के अटेंडरों को परेशानी का सामना करना पड रहा है।

नपा ने रखवाया चलित शौचालय

मरीजों के अटेंडरों के दर्द को देखते हुए नपा का दिल जरूर पसीजा और उसके द्वारा चलित शौचालय मेडीकल कॉलेज के बाहर रखवाया गया है। मेडीकल कॉलेज के बाहर चलित शौचालय के रखे जाने से मरीजों के अटेंडरों को शौचालय के लिए भटकना नहीं पड रहा है।

हॉस्टल है खाली, अटेंडरों को करें व्यवस्था

200 करोड की लागत वाले मेडीकल कॉलेज में हॉस्टल से लेकर अन्य भवन हैं जो पूरी तरह से खाली पडे हुए हैं ऐसे में मरीजों के परिजनों का कहना है कि उनके लिए रहने के लिए कम से कम इनमें जगह कर दी जाए जिससे उन्हें राहत को मिल सकेगी।

इधर उधर घूमकर करते हैं रतजगा

मरीजों के अटेंडरों का कहना है कि कालेज के बाहर न तो बैठने की ही व्यवस्था है और न ही यहां सोने की ही कोई व्यवस्था है जिससे अटेंडरों को रात के समय इधर उधर घूमकर रतजगा करना पड रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है।

बारिश के बाद कीडे कांटे का डर

लोगों का कहना है कि दो दिन से शहर में बारिश का दौर जारी है ऐसे में रात के समय मेडीकल कॉलेज इलाका वैसे ही सुनसान है ऐसे में यहां खेत भी लगे हुए हैं बारिश के दिनों में सांप और कीडे और कांटों का डर उन्हें सता रहा है। ऐसे में उनके लिए कोई व्यवस्था की जाए।

अंबिका कॉलेज के संचालक आए आगे

अंबिका कालेज के संचालक का कहना है कि इन दिनों उनका कालेज पूरी तरह से खाली है और यदि मरीजों के अटेंडर चाहे तो वह उनके कॉलेज में उनकी रहने की व्यवस्था कर सकते हैं। लेकिन डॉन डीन को भी मरीजों के अटेंडरों का दर्द समझना चाहिए। इस कोरोना काल में जहां कॉलेज संचालक मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं तो दूसरी ओर डीन अपना डॉन के रबैए को ही नहीं बदलना चाहते हैं।