अस्पताल में दवा नहीं,कालाबाजारी रुक नहीं रही, आखिर प्रशासन क्या कर रहा है - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना से पूरा जिला हाहाकार कर रहा है। हर तरफ मौतें हो रही हैं अस्पतालों में दवाएं नहीं है तो शमशान फुल है। कालाबाजारी पर अंकुश नहीं है आखिर यह कैसी व्यवस्था है सरकार की। यह सबाल हम नहीं आम जनता पूछ रही है क्योंकि उसे अस्पतालों में दवाएं नहीं मिल रही हैं।

वैक्सीनेशन के लिए दवा उपलब्ध नहीं हैं लेकिन हर चीज का ढिंढोरा हर जगह है कि मध्यप्रदेश में 18 साल से ऊपर के युवाओं को वैक्सीन लगेगी। लेकिन हकीकत यह है कि जब वैक्सीन ही नहीं तो टीका का क्या खाक लगेगा।

सरकारी सिस्टम पर डॉक्टर के तीखे सवाल

जिला अस्पताल के कोविड प्रभारी डॉ गिरीश चतुर्वेदी ने तीखे सवाल दाग दिए हैं जो कुछ चाटूकारों को रास नहीं आ रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं हैं, दवाएं नहीं जीवन रक्षक रेमडेसेवर इंजेक्शन तक नहीं हैं ऐेसे में हर दिन मरीज काल के गाल में समा रहे हैं आखिर वोट देने वाली जनता पूछ रही है कि सरकार की क्या जबावदेही है उनके प्रति।

कलेक्टर के तुगलकी फरमान से जनता परेशान

कलेक्टर अक्षय कुमार के तुगलकी फरमान से आमजन परेशान हैं। पेट्रोल बंद कर दिए है शहर के सारे और शहर के सारे रास्ते सील कर दिए हैं। ऐसे में कई घरों में बुजुर्ग और ह्रदय रोग से पीडित मरीज भी रहते हैं जिनकी कभी भी तबियत बिगड सकती है ऐसे में क्या कलेक्टर उनके लिए एंबूलेंस भेजेंगे या फिर अपना लग्जरी वाहन भेजेंगे जिससे उन मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जाए। यह सवाल जनता का कलेक्टर से है।

कालाबाजारी पर अंकुश नहीं, रिश्वत बराबर

शहर की आवाम कालाबाजारी से परेशान है। तेल 170 रूपए किलो बिक रहा है तो नारियल पानी 80 रूपए का इस पर अंकुश लगाने कोई प्रशासनिक टीम नहीं आई लेकिन गुटखा और शराब के कारोबार को पकडकर मोटी रिश्वत लेने का खेल प्रशासन द्वारा खूब खेला जा रहा है।