19 वर्षीय उजाला को 15 हजार में भोपाल से लाए, वापस भेजने को मांगे 1 लाख, प्रशासन ने मुक्त कराया

धर्मेन्द्र शर्मा,पोहरी।खबर पोहरी के अनुविभाग के डाबर पुरा गांव से आ रही है इस गांव में से प्रशासन ने एक 20 वर्षीय युवती को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया है। बताया जा रहा है उक्त युवती भोपाल की रहने वाली है ओर इसकी मां ने इसे मजदूरी के लिए भेजा था।

जानकरी के अनुसार शिवपुरी जिला प्रशासन को बँधुआ मजदूर मुक्ति मोर्चा दिल्ली से सूचना प्राप्त हुई थी कि बैराड़ के डाबरपुरा में एक युवती को जबरन बंधक बनाकर बँधुआ मजदूरी कराई जा रही हैं। इस सूचना की पुष्टि के लिए पोहरी SDM जेपी गुप्ता ने बैराड़ तहसीलदार विजय शर्मा,एसआई नितिन भार्गव पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को डाबरपुरा गांव में दबिश देने भेजा।

यहां से प्रशासन की टीम ने एक 19 साल की युवती को डाबरपुरा निवासी इंदर बेडिया बरामद किया। जिससे जबरदस्ती बंधक बनाकर मारपीट कर घरेलू काम कराया जा रहा था। बैराड़ तहसीलदार विजय शर्मा ने बताया कि मुलत: झाबुआ की रहने वाली हाल निवासी भोपाल की एक 19 साल की युवती उजाला की माँ ने बँधुआ मजदूर मुक्ति मोर्चा दिल्ली को एक शिकायत दर्ज कराई जिसमें बताया कि मार्च 2021 में मेरी तबीयत खराब हो गई थी।

इलाज के लिए मैंने शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के ग्राम डाबरपुरा निवासी इंदर बेडिया से 15 हजार रुपये लिए इसके एवज में इंदर बेडिया मेरी बेटी को घरेलू काम करने अपने गांव ले गया और अब तीन महीने बाद मेरी बेटी को जबरन बंधक बनाकर बँधुआ मजदूरी कराई जा रही है।

इंदर बेडिया द्वारा बँधुआ मजदूरी से मुक्त करने अब 15 हजार के एवज में 1 लाख रुपये की मांग की जा रही है। बंधुआ मजदूर मुक्ति मोर्चा दिल्ली की शिकायती आवेदन पर कार्रवाई करते हुए मंगलवार को प्रशासन ने युवती को इंदर बेडिया के चंगुल से मुक्त करा लिया है।

फिलहाल युवती को वन स्टॉप सेंटर शिवपुरी भेज दिया गया है. परिजनों को भोपाल सूचना देकर शिवपुरी बुलाया गया. तहसीलदार ने बताया कि आगे युवती जैसे बयान देगी उसी के अनुसार कार्रवाई की जावेगी।