अजय राज सक्सैना के कथित वसूली वाले वीडियो की फिर से जांच कराने की मांग, SP को आवेदन सौंपा - Shivpuri News

शिवपुरी। पिछले दिनो सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में ETV भारत के तत्कालीन पत्रकार अजय राज सक्सैना और एक स्कूल संचालक के बीच का संवाद सुनाई दे रहा है एवं वीडियो में श्री अजय राज सक्सैना का चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

वीडियो के वायरल होने के बाद इस मामले में पत्रकार अजय राज सक्सैना ने एसपी को एक शिकायत भी सौपी थी, और शिकायत में स्वीकार भी किया था कि वह वीडियो उनकी है। जो 2014 का है।

श्री अजय राज सक्सैना ने इस शिकायत के आधार पर एक खबर भी प्रकाशित करके इस बात की पुष्टि कर दी हैं कि यह वीडियो उनका हैं एंव इसमे किसी भी प्रकार की छेडछाड नही की गई है।

श्री अजय राज सक्सैना का दावा है कि इस मामले की जांच हो चुकी है लेकिन श्री अजय राज सक्सैना ने अपनी खबर में जांच रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की और ना ही यह बताया कि जांच अधिकारी कौन था एवं जांच का निष्कर्ष क्या था।

इसीलिए इस मामले में एक नया मोड आ गया है। वायरल वीडियो की जांच की मांग पुन: करते हुए एक आवेदन आज एसपी शिवपुरी के नाम दिया गया है। आवेदन में मांग की हैं कि:

यह कि वायरल वीडियो में जिस तरह की आवाजें सुनाई दे रही है, आईपीसी की धारा 384 की प्रकृति का अपराध है। जो कि समझौता योग्य नहीं है। पत्रकार श्री सक्सेना ने स्वयं बताया है कि 2014 में इस मामले की शिकायत एवं जांच हुई थी।

क्योंकि यह आईपीसी की धारा 384 की प्रकृति का अपराध है, अतः समझौता योग्य नहीं है। शिकायत गलत पाए जाने पर भी जांच अधिकारी को अपनी रिपोर्ट के साथ यह मामला सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत करना चाहिए था परंतु हमारी जानकारी के अनुसार ऐसा नहीं किया गया। ना तो FIR दर्ज की गई और ना ही क्लोजिंग रिपोर्ट लगाई गई।

महोदय से विनम्र अनुरोध है कि इस मामले की फिर से निष्पक्ष जांच करवाई जाए। वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जाए। प्राथमिक जांच में यदि है मामला आईपीसी की धारा 384 की प्रकृति का प्रमाणित हो जाता है तो FIR दर्ज करके विस्तृत जांच रिपोर्ट के साथ मामला सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए।

महोदय से विनम्र अनुरोध है इस मामले के लिए जांच अधिकारी नियुक्त करें एवं जांच की समय सीमा निर्धारित करें, क्योंकि इस मामले में सभी पक्ष एवं प्रमाण उपलब्ध है।