आठ घोड़िया घर पर बैठी है: आत्महत्या का मन करता है, शादी व्यवसाय का काल बना कोरोना - Shivpuri News

शिवपुरी। देश में लगतार कोरोना का संक्रमण अचानक से बड गया। शिवपुरी जिले में भी कोरोना की रफ्तार बड रही हैं। इस कारण प्रतिदिन गाईड लाइन जारी हो रही हैं। कोरोना काल में सबसे ज्यादा शादी व्यवसाय प्रभावित हुआ हैं,इस कारण इस व्यवसाय को करने वाले लोग आर्थिक रूप से तो परेशान हैं साथ ही मानसिक रूप से भी परेशान होने लगे हैं।

अपने रोजगार के संकट को लेकर शहर के टेंट, लाइट, बर्तन, हलवाई, घोड़े, बैंड, डीजे, फोटोग्राफर ने मिलकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा है। इस सौंपे आवेदन के माध्यम से कहा कि प्रशासन बंद हॉल में 50 लोगों के शादी में शामिल होने की अनुमति शासन ने दी है। ऐसे में यदि खुले गार्डन में 500 लोगों के शामिल होने की अनुमति सरकार दे दे तो हम सोशल डिस्टेंस के साथ कार्यक्रम का आयोजन कर सकेंगे। और घराती- बाराती की खुशी के साथ हमारे घर का भी चूल्हा जल सकेगा। पिछले 1 साल से व्यापार ठप है न शादी में बड़ा खाना हुआ, ना बारात निकली। ऐसे में अब हम घर का खर्च कैसे चलाएं।


ज्ञापन देने आए लोगो ने कहा कि टीवी पर और समाचार पत्रों में हम देखते हैं कि बंद हॉल जिसमें 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति शादी समारोह के दौरान दी जाती है उसमें कोरोना का खतरा विशेषज्ञ ज्यादा बताते हैं, जबकि खुले लॉन में कोरोना का खतरा कम होता है। ऐसे में यदि हॉल की बाजाय खुले मैदान में गार्डन में शादी होने लगे तो फिर हमें बहुत राहत मिल सकती है।

यही नहीं इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को तब तक लाभ नहीं मिल सकता जब तक शादी समारोह में शामिल होने वालों की संख्या 500 के आसपास न हो। क्योंकि इससे कम आयोजन में कैटर,वेटर, हलवाई और अन्य लोगों का रोजगार चलना मुश्किल है।

आत्महत्या का मन करता है,कहां से चलाएं घर

इस दौरान अपनी पीड़ा बयां करते हुए कोलारस से आए अकबर शाह ने कहा कि हम आकाश बैंड एंड डीजे का संचालन करते हैं। लेकिन पिछले 1 साल में हमें कोई भी काम नहीं मिला। अब फिर से कोरोना बढ़ गया है। यदि 50 की संख्या शादी समारोह में रखेंगे तो फिर हमारा कैसे काम चलेगा। हमारे आर्थिक हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कभी-कभी आत्महत्या करने का मन करता है। बीबी बच्चों की तरफ देखकर हम जैसे तैसे सब मिलकर अपना गुजारा कर रहे हैं।

आठ घोड़ियों को घर बिठाकर दाना खिला रहे, कब तक हम ऐसा कर सकेंगे

बारात में घोड़ियों को देने वाले ईशान ने कहा कि उसके पास 8 घोड़ियां है। बारात में दूल्हा जब घोड़ी पर बैठता है तभी उनकी आमदनी का जरिया बनता है। या फिर कभी कभी भागवत कथा, जैन समाज के आयोजन होते हैं। तब घोड़े जाते हैं। पर पूरे 1 साल में ना तो जैन समाज ने कोई आयोजन किया। न बड़ी भागवत कथा हुई। ऐसे में अब हम इन घोड़ों को खिलाएं क्या। और खुद कैसे अपना पालन करें। इसलिए जल्द ऐसा नियम सरकार बनाएं की शादियों में बारात घोड़े पर निकलेगी।

सभी के हालात खराब हैं
जितने भी मैरिज गार्डन संचालक हैं, या फिर हलवाई, फोटोग्राफर, फूल वाला, केटर, वेटर, बैंड वाले,घोड़ी वाले इन सबके हालात बुरे हैं। लॉकडाउन लगने से वैसे ही व्यापार नहीं है। ऊपर से केवल अप्रैल और मई में सारग है। जिसमें 10-15 शादियां हो सकती हैं। लेकिन सरकार ने 50 की गाइडलाइन बना दी। इससे तो इनका रोजगार नहीं चलेगा। इसलिए सरकार से मांग करने आए कि वह हमारी सुनवाई कर ले। और 50 की जगह 500 लोगों की अनुमति देना शुरू करें।
दिनेश जैन , संचालक मंगल टेंट हाउस शिवपुरी

लोगों की मांग शासन तक पहुंचा सकते हैं

जहां 20 से अधिक केस निकल रहे. वहां 50 की ही गाइडलाइन शादी में शामिल होने के लिए है। हम संख्या बढ़ाकर खतरा मोल लेना नहीं चाहते। जहां पर 20 से अधिक कोरोना मरीज़ प्रतिदिन निकल रहे हैं। वहां गाइडलाइन के मुताबिक 50 से अधिक लोगों की अनुमति नहीं दी जा सकती है। ऐसे में सावधानी हमें खुद बरतना है। इन लोगों की मांग को सरकार तक पहुंचा सकते हैं। लेकिन निर्णय लेना हमारे हाथ में नहीं है। आरएस बालोदिया, एडीएम शिवपुरी