SHIVPURI CORONA: जब तक मेडिकल टीम दवा बताने घर आई, युवक मर चुका था, गंभीर था फिर भी भर्ती नहीं किया

शिवपुरी। जिले में कोरोना संक्रमण का भयानक चेहरा देखने को मिल रहा हैं। कोरोना के दूसरी लहर के आक्रमण से स्वास्थय विभाग की व्यवस्थाए चरमरा गई हैं। अब स्वास्थय विभाग संक्रमित मरीजो को अस्पताल में भर्ती करने से हाथ पीछे खीच रहा हैं,इस कारण मरीज मौत के शिकार हो रहे है।

स्वास्थय विभाग की लापरवाही से भरी तस्वीर 3 दिनो से लगातार आ रही हैं,यह तस्वीर पिछोर से सामने आ रही हैं कि कोरोना पॉजीटिव मरीज को स्वास्थय विभाग ने घर आईशोलेट कर दिया,और जब तक विभाग दवाए और नियम बताने हॉम आईशोलेट मरीज के घर पहुंचा तब तक वह मर चुका था।


जानकारी मिल रही हैं कि करीब पांच दिन पहले इंदौर से लौटे एक युवक ने तबीयत बिगड़ने पर कोरोना टेस्ट कराया। उसकी रिपोर्ट पाजिटिव भी आई। इसके बाद भी न तो उसे घर में ठीक से होम आइसोलेट किया गया और न ही अस्पताल में भर्ती किया। इसके बाद शुक्रवार को स्वास्थय विभाग का अमला दवाए और हॉम आईशोलट के नियम बताने घर पहुंचा जब तक युवक ने दम तोड दिया था।

पिछोर निवासी 27 वर्षीय विवेक टेडिया इंदौर में रहता था। वहां वह पढ़ाई करने के साथ नौकरी भी कर रहा था। उसके पिता राकेश टेडिया खुद कैंसर से पीड़ित हैं। विवेक का दूसरा भाई उससे छोटा है। घर का बड़ा बेटा होने के नाते उसके ऊपर कई जिम्मेदारियां भी थीं।

इंदौर से लौटने पर उसने बुधवार को रैपिड एंटीजन किट से टेस्ट कराया था, जिसमें वह पाजिटिव आया। इसके बाद बीएमओ डॉ. संजीव वर्मा ने उसे घर में रहकर आराम करने के लिए कहा। युवक बीएमओ के कहने पर हॉम आईशोलेट हो गया,लेकिन जब विभाग की टीम विवेक के घर दवाए और नियम बताने पहुंचा जब तक उसने दम तोड दिया था। इस मामले में बीएमओ का कहना है कि उसमें सामान्य लक्षण थे और शासन की गाइडलाइन के अनुसार उसे होम आइसोलेट किया था।

यह बोले जिम्मेदार
आज से ही होम आइसोलेट होने वाले मरीजों के घर आइसोलेशन का पर्चा चस्पा करना शुरू किया है। आज इनके घर भी करने वाले थे, लेकिन उसके पहले मौत की सूचना आई। मरीज के स्वजनों को बता दिया था कि वह कोविड पाजिटिव है।
डॉ. संजीव वर्मा, बीएमओ।