कोरोना काल में जान की परवाह किए बिना मरीजों की जान बचाने डॉ दिनेश राजपूत हुए सम्मानित- Shivpuri News

शिवपुरी। कोरेाना जैसी वैश्विक महामारी के बीच अपने चिकित्सकीय सेवा को प्रथम स्थान प्रदान करने पर स्वयं की जान की परवाह ना करते हुए आमजन की जान की परवाह करने वाले हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.दिनेश राजपूत को उनकी अनुकरणी सेवाओं के लिए गत दिवस आयोजित मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार के कोरोना वॉरियर्स सम्मान समारोह में शॉल-श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न भेंट करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी, पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल सहित अन्य मंचासीन अतिथियों के द्वारा सम्मान किया गया।

इस दौरान डॉ.दिनेश राजूपत के अविस्मरणीय कार्यकाल पर प्रकाश डालते हुए मंच से उपस्थितजनों को बताया गया कि किस प्रकार से डॉ.दिनेश राजपूत ने कोरोना काल में अपनी जान की परवाह नहीं की और अपने चिकित्सकीय सेवा को सर्वोपरि रखते हुए कोविड-19 सेंटर के प्रभारी के रूप में अपनी सेवाऐं दी जहां उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए नियमित रूप से कोरोना काल में कोविड-19 सेंटर की व्यवस्थाओं को संभाला और अनेकों लोगों की जान बचाकर इस महान कार्य में अपना योगदान दिया।

ऐसे हालातों में जब शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने कोरोना काल के समय डॉ.दिनेश राजपूत से हुई चर्चा का अंश प्रकाशित किया तो वह बड़ा भावुक था कि उनकी पत्नि और बेटी तक से मिलने को लेकर वह कितने दूर से ही उन्हें अपना समझ पाते थे क्योंकि वह हालात ऐसे थे जब वह ऐसी जिम्मेदारी संभाले थे जहां इस वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से स्वयं भी ग्रसित हो सकते थे।

हालांकि इन सब हालातों के बाबजूद भी उन्होंने अपनी सेवाऐं बदस्तूर जारी रखी और आज उन्हीं सेवाओं का परिणाम है कि डा.दिनेश राजपूत जो कि शहर के एक मात्र हृदय रोग विशेषज्ञ है और अपनी शासकीय सेवाओं के लिए हमेशा तत्पर रहते है बाबजूद इसके कई लोग ऐसे भी होते है जो डॉ.दिनेश राजपूत ही नहीं बल्कि अन्य चिकित्सकों का मनोबल बढ़ाने के बजाए उन्हें भ्रमपूर्वक की पब्लिसिटी में लाकर अपमानिक करने से परहेज तक नहीं कर रहे।

यहां मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा कोरोना वॉरियर्स के रूप में जो सम्मान समारोह किया गया वह ऐसे ही सेवाभावियों के लिए था जिन्होंने कोरोना काल में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया हो, इनमें डा.दिनेश राजपूत के साथ-साथ डॉ.सुनील तोमर व डॉ.महेन्द्र वर्मा का नाम भीशामिल है जिन्होंने कोरोना काल में अपने चिकित्सकीय सेवा कार्य को पूर्ण ईमानदारी, लगन व निष्ठा के साथ निभाया और इन्हें सम्मानित करते हुए संगठन भी गौरान्वित हुआ।