राम को ब्रांड एंबेसडर बनाने वाली भाजपा के शासन में ठाकुरजी को भोग लगना मुश्किल - Shivpuri News

करैरा। भगवान श्रीराम को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाने वाली भाजपा के राज्य में मंदिर में विराजे ठाकुरजी को भोग लगना मुश्किल हो गया हैं,बताया जा रहा है कि करैरा अनुविभाग की नरवर तहसील के औकाफ माफी के लगभग 4 दर्जन मंदिरो को पिछले 1 साल से पैसा रिजीज नही हुआ है। भगवान के पुजारी भी अब फाके मारने को मजबूर हैं और मंदिर के भगवानो की थाली पर भी संकट आ गया हैं।

नरवर के अलग-अलग मंदिरों में पूजापाठ करने वाले पुजारियों का कहना है कि पिछले साल मार्च 2020 से मंदिरों के लिए जारी पैसा अभी तक नहीं दिया गया है। जिन मंदिरों के नाम से जमीनें हैं, उन्हें 2100 रुपए प्रतिमाह और जिन मंदिरों की जमीनें नहीं हैं उन्हें 3000 रुपए जारी किया जाता है। कोरोना संक्रमण फैलने के बाद मंदिरों का पैसा जारी नहीं किया गया।

बजट देरी से जारी हुआ, लेकिन नरवर को छोड़कर दूसरी तहसीलों में पैसा जारी कर दिया। पुजारियों का दावा है कि अधिकारियों की अनदेखी की वजह से नरवर के हिस्से के मंदिरों की राशि दूसरी तहसीलों में एडवांस में राशि जारी कर दी है। इस कारण भगवान को भाेग लगाना मुश्किल हो रहा है। कई पुजारी मंदिरों पर निर्भर हैं, उनके सामने भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

एक साल से राशि नहीं मिली, भाेग लगाना भी मुश्किल

इस संबंध में हरिवल्लभ पांडेय, पुजारी, गोपीनाथजी गरुण मंदिर का कहना है कि नरवर तहसील के मंदिरों को मार्च 2020 से राशि जारी नहीं की गई है। हमारे मंदिर औकाफ माफी में आते हैं, जिसमें हर महीने 3 हजार रुपए सरकार देती है। दीपक जलाने के लिए घी आदि सामान खरीदना पड़ता है। यहां तक कि अब भाेग लगाना भी मुश्किल हो रहा है।

जिन मंदिरों पर जमीन उन्हें मिलते हैं 3 हजार रुपए महीना

नरवर तहसील में औकाफ माफी के करीब 30 मंदिर हैं जिन्हें हर महीने 3 हजार के मान से राशि जारी होती है। इस लिहाज से पूरे साल में 10.80 लाख रुपए और 15 मंदिर ऐसे हैं जिनके नाम जमीनें हैं। ऐसे मंदिरों को 2100 रु. के मान से 3.78 लाख रुपए मिलने हैं। करीब 14.58 लाख रुपए की राशि जारी होना है। पुजारी साल भर की राशि के लिए कई बार अधिकारियों के यहां गुहार लगा चुके हैं।

मंदिरों को पैसा क्यों जारी नहीं हो पाया, बाबू से जानकारी लेंगे

नरवर तहसील के मंदिरों को अब तक पैसा क्यों जारी नहीं हो पाया है, इस संबंध में शनिवार को बाबू से जानकारी लेंगे। राशि जारी नहीं होने के पीछे कोई ना कोई वजह जरूर रही होगी। सरकार से यदि बजट आता है तो सभी मंदिरों को भुगतान करते हैं। इस मामले में अगर कर्मचारी दोषी होंगे तो कार्रवाई की जाएगी। राजन नाडिया, एसडीएम करैरा