चोरी हुए बकरे का थाने मे हुआ बटवारा,मामला मंदिर तक भी पहुंचा,जनचर्चा का विषय रहा - pohri news

पोहरी। पोहरी थाने में चोरी हुए बकरे का बटवारा हुआ हैं यह जनचर्चा का विषय भी रहा। वैसे सुनते हैं कि विवाद हुआ तो मामला थाने तक पहुंचा,लेकिन यहां विवाद हुआ तो मामला मंदिर तक पहुंचा,और अंत में बकरे को आधा—आधा मतलब किमत का आधा-आधा बांट लिया गया। बकरे के मालिको के साथ-साथ पुलिस भी मुस्करा रही थी कि चलो बिना एफआईआर के मामला सुलट गया।

मामला हैं पोहरी से लगे झिरी से लगे नगरा गांव का। बांके पाल निवासी नगरा की 18 बकरियां 26 अक्टूबर 2020 को चोरी चली गईं थीं, जिसमें एक बकरा भी शामिल था,इस चोरी के मामले में बांके पाल ने मामला दर्ज नही करवाया था। यह बकरा बांके पाल को झिरी गांव में दिखाई दिया तो तुरंत पहचान लिया,और उनमें वही विवाद होने लगा।

विवाद की स्थिती बनी तो ग्रामीण मामला सुलझाने के लिए उन्है पोहरी थाने ले आई।  
पुलिस ने बकरी मालिक से पूछा तो उसने बताया कि उसने बैराड़ के एक व्यापारी से बकरा खरीदा है। व्यापारी को बुलाया तो उसने बताया कि कुरियाना थाना गसवानी जिला श्याेपुर से यह बकरा खरीदा है। राजाराम सिंह पाल को बुलाया तो उसने बताया कि बकरा मेरा है। यहीं से मामला पेचीदा हो गया।

चूकि बकरे का कोई ऐसा कागज और पहचान नही थी कि बकरा किसका हैं और न ही बकरे से पुछ कर पुलिस फैसला कर सकती थी कि बकरे का मालिक कौन हैं। पुलिस इन दोनो के बीच उलझ गई। बकरे पर अपना अधिकार जमा रहे,नगरा निवासी बांके पाल और लालाराम पाल निवासी कुरियाना को ग्रामीण मंदिर लेकर पहुंचे और कसम खाने को कहा गया दोनो मंदिर पहुंचे और दोनो ने कसमे खा ली कि बकरा मेरा हैं। यहां पंचायत के पंच और पुलिस भी उलझ गई।

फिर मामला सुलट जाए ऐसी युक्ति निकली। बकरे की किमत लगवाई गई,वही व्यापारी आ गया उसने बकरे की किमत 16 हजार रूपए लगवाई। मामले को निबटाने के लिए बकरे को बेचा गया और दोनो पक्षो में 8-8 हजार रूपए का बटबारा किया गया। थाने में बकरे के बटवारे की चर्चा पोहरी में चर्चा का विषय बना रहा,पुलिस भी इस मामले कि लिखा पढी से बच गई कि बिना कागज रंगें इस मामले को सुलटा लिया गया।