कमजोर हुआ कोरोनाः जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड किया बंद, अब केवल 30 बैड आरक्षित - Shivpuri News

शिवपुरी। जनवरी 20 से जनवरी 21 आते-आते देश में कोरोना की रफ्तार थम गई हैं। हालाकि शिवपुरी जिले में कोरोना का पहला मरीज मार्च में मिला था। उसके बाद लगातार कोरोना संक्रमित मरीजो की रफ्तार बढ रही थी,लेकिन अब कोरोना से सीधे-सीधे जंग शुरू हो चुकी हैं वैक्सीनेशन शुरू हो चुका हैं।

जनवरी माह में जिले में कोरोना की रफ्तार कम हो चुकी हैं इस कारण अब जिले में कोरोना आइसोलेशन वार्ड बंद कर दिया गया है। जिले में 180 बेड कोरोना मरीजों के लिए आइसोलेशन के लिए रिजर्व थे। इसमें से 150 बेड अब अन्य मरीजों के लिए वापस कर दिए गए हैं।

अधिकांश बेड जिला अस्पताल में ही थे। जनवरी की शुरुआत से ही कोरोना संक्रमितों के मिलने की संख्या काफी कम रही है। इस महीने हर दिन औसतन 5 से कम कोरोना मरीज मिले। अब शहर में कोरोना के एक्टिव केस भी सिर्फ 14 ही रह गए है और इसमें भी सिर्फ 2 मरीज ही अस्पताल में भर्ती हैं। शेष अन्य होम आइसोलेशन में हैं। अब फीवर क्लीनिक भी बंद किए जा रहे हैं।

दिसंबर के महीने में हर दिन औसतन कोरोना के 12 मरीज मिले रहे थे। 31 दिसंबर 2020 तक एक्टिव केसों की संख्या भी 61 थी। जनवरी महीने में कोरोना संक्रमित मिलने के मुकाबले रिकवरी रेट बेहतर हुई। जिले की स्वस्थ दर 98ण्87 प्रतिशत है।

हालांकि सुरक्षा के तौर पर अभी भी स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल साइज कम नहीं किया है। हर दिन औसतन् 300 सैंपलों की जांच की जा रही हैए लेकिन अब सैंपल साइज भी कम होने की संभावना है क्योंकि मरीजों के मिलने की संख्या काफी कम हो चुकी है। फीवर क्लीनिक पर भी पहुंचने वालों की संख्या में काफी गिरावट आई है।

सामान्य मरीजों को मिलेगा लाभ

कोरोना महामारी शुरू होने के साथ ही 180 बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व कर दिए गए थे। इसके अलावा कोविड आइसीयू भी अलग से बनाया गया था। इसके चलते हर दिन आने वाले मरीजों के लिए बेड कम बचे थे। अब 150 बेड आइसोलेशन वार्ड से मुक्त होने के बाद यह सामान्य मरीजों के लिए उपलब्ध हो सकेंगे। इससे जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को लाभ मिलेगा।

अभी भी सुरक्षा बरतना है जरूरी

भले ही जिले में संक्रमण के नए मामलों में काफी गिरावट आ चुकी है और कोरोना की वैक्सीन भी आ चुकी हैए लेकिन अभी भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करना उतना ही जरूरी है। वैक्सीन अभी सिर्फ फ्रंटलाइनर्स को लगाई जा रही है। आम आदमी तक वैक्सीन पहुंचने में अभी भी कुछ वक्त बाकी है। इसलिए अभी भी मास्क पहनने के साथ शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करना जरूरी है।