रेत माफियाओं के बुलंद हौसले: रेत निकालने के लिए तोड़ दिए स्टॉप डेम के गेट - kolaras news

कोलारस। सिंध नदी से अवैध रेत निकालने के लिए माफिया ने कोलारस क्षेत्र में टामकी स्टॉप डेम के दो गेट तोडक़र फेंक दिए हैं। लगातार पानी बहने से स्टॉप डैम से तीन दिन में करीब चार फीट तक पानी बह गया है। अभी भी स्टॉप डैम से पानी बह रहा है जिससे सिंध नदी में ऊपर की ओर करीब दो किमी हिस्से में दो किमी हिस्से में तलहटी दिखने लगी है। ऐसे में भविष्य में आसपास गांवों में पानी का संकट गहरा सकता है।

भड़ौता और टामकी के पास 4 करोड़ की लागत से दो साल पहले स्टॉप डैम बनाया गया है। इस स्टॉप डैम बनने से आसपास 10-10 किमी क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ा है लेकिन स्टॉप डैम बनने के बाद नदी में 15 से 20 किमी तक पानी भरा रहता है, इसलिए रेत नहीं निकल पा रही है। 

इसलिए रेत माफिया ने तीन दिन पहले रात के अंधेरे में टामकी स्टॉप डैम के दो गेट तोड़ दिए और दूसरी रात गेट पूरी तरह निकालकर पानी में फेंक दिए। इसके बाद से स्टॉप डैम से लगातार पानी बह रहा है और तीन दिन में स्टॉप डैम 4 फीट तक खाली हो चुका है।

पचावली और साखनौर में रेत का उत्खनन

टामकी स्टॉप डैम के कारण पचावली तक 12 से 15 किमी हिस्से में पानी ठहरा हुआ था। पानी बहा देने से पचावली से साखनौर तक नदी की तलहटी निकल आती है। इसी बीच माफिया सिंध नदी में अवैध रेत उत्खनन करता है। जब से स्टॉप डैम बने हैं, माफिया रेत नहीं निकाल पा रहा था, इसलिए उसने स्टॉप डैम के गेट ही तोड़ दिए।

स्टॉप डैम से आसपास के 100 गांवों में बढ़ा भू-जलस्तर

टामकी स्टॉप डैम के गेट तोडक़र फेंकने देने से नदी में रुका पानी बह रहा है। कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी का कहना है कि उन्होंने जल संसाधन विभाग से बात की है। विभाग के पास चौकीदार की व्यवस्था नहीं है। ऐसे अपनी विधायक निधि से तीन-चार महीनों के लिए चौकीदार रख दिया है।

विधायक का कहना है कि किसानों से बातचीत कर निगरानी रखने को कहा है। गेट तोडऩे वालों की जानकारी मिलने पर उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। स्टॉप डैम बनने से भूजलस्तर बढ़ा है जिससे 100 गांवों का लाभ हुआ है।

इनका कहना है- 

कुछ लोग रात में आए और स्टॉप डैम दो गेट तोडक़र फेंक गए हैं। इस स्टॉप डैम के बनने के बाद 10 किमी दूर कोलारस बायपास पर हमारे खेत का दस साल से खराब बोरवेल में पानी आ गया। दूसरे किसानों को भी फायदा हुआ है। नदी से लगे खेत में भी 5-6 बोर में 6 लाख रु. खर्च हो गए। पहले स्टॉप डैम बन जाता तो नुकसान बच जाता।
गुरुदयाल तंवर, किसान, टामकी

नदी से अवैध रेत निकालने के लिए माफिया ने टामकी स्टॉप डैम के गेट तोडक़र फेंके हैं। इसकी सूचना जल संसाधन विभाग को दी है। यदि पानी बहने से नहीं रोका तो स्टॉप डैम खाली हो जाएगा। इस स्टॉप डैम से 30-40 गांवों में पानी की समस्या खत्म हो गई है। स्टॉप डैम पर सुरक्षा के लिए चौकीदार की जरूरत है।
कल्याण सिंह दांगी, भासं, कोलारस

पहले भी टामकी स्टॉप डैम के गेट तोडक़र किसी ने फेंक दिए थे। दूसरी जगह से हमने नए गेटों की व्यवस्था की थी। अब फिर से कोई गेट तोड़ गया है। मौके पर एसडीओ और सब इंजीनियर को भेजा है। गेट दुरुस्त कराकर पानी रोका जाएगा। पुलिस थाने में आवेदन दे दिया है। पता लगते ही संबंधित के खिलाफ केस दर्ज कराएंगे। किसानों से भी हमारा कहना है कि गेट तोडऩे वाले के बारे सूचना दें।
ओपी गुप्ता, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग