गांधी जयंती विशेष: कैसे सार्थक होगा स्वच्छ भारत अभियान, पूरा अभियान भ्रष्टाचार की भेंट चढ गया - Shivpuri News

गिर्राज शर्मा@ शिवपुरी।
कल गांधी जयंती है। कल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मदिन भी है। जिसके चलते आज से 6 साल पहले पीएम नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की। जिसमें 2019 तक पूरा भारत देश खुले में शौचमुक्त हो जाएगा। जिसके चलते खरबों रूपए का फंड बनाया गया और इसे पब्लिक के बीच रखा भी गया। परंतु जिस बात से महात्मा गांधी को चिढ थी उसी की भेंट चढ गया उनका स्वच्छ भारत अभियान। और वह है भ्रष्टाचार।

जी हां यह बात हम हवा में नहीं बल्कि धरातल पर पूरी जानकारी के बाद कर रहे थे। जिले में स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांव गांव में शौचालय का निर्माण कराया गया। हर हितग्राही के खातों में 12 हजार रूपए डाले गए। परंतु जो हालात धरातल पर है वह चौकाने बाले है। यह पूरा अभियान भ्रष्टाचार की भेंट चढ गया। जिनपर इस अभियान को सफल बनाने की जिम्मेदारी थी उन्होंने अपने शौचालयों के पैसे से अपने घर तो भर लिए परंतु हितग्राही आज भी शौचालयों के लिए दर दर की ठौंकरें खा रहे है।

सबसे पहले हम बात करते है शिवपुरी नगर पालिका की। चूंकि यह क्षेत्र नगर पालिका के अंतर्गत शहरी क्षेत्र में आता है। जहां अधिकतर घरों में पहले से ही शौचालय थे। जिसके चलते इस राशि को ठिकाने लगाने और भ्रष्टाचार कर हडपना था। जिसके चलते शहर में शुलभ शौचालय कॉम्प्लेक्स तो बना दिए। परंतु करोडों की लागत से बने इन शौचालयों में ताले नगर पालिका नहीं खोल पाया है।

अब बात ग्राम पंचायतों की करें तो यहां तो पूरी की पूरी भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा पार हो गई है। यहां महज पैसे ऐठने के लिए सरपंच सचिव ने ठेके पर 6 से 7 हजार रूपए में शौचालय को बनवा दिए है। परंतु घटिया क्वालिटी के चलते यह उपयोग विहीन है। जिसके चलते या तो यह खण्डर बन गए है या फिर ग्रामीणों ने कड्डा लकडी या यू कहें कि इन्हें स्टोर रूम में बदल दिया है।

सबसे पहले हम बात कर रहे है पोहरी जनपद की। जहां सबसे ज्यादा घोटाला यहां शौच के नाम पर हुआ है। जिन शौचालयों में भ्रष्टाचार हो सकता है उनका तो निर्माण करा दिया गया। परंतु जिन में भ्रष्टाचार नहीं हो सकता वहां कोई काम नहीं हो रहा है। अगर बात करें ग्राम पंचायत धतूरा,टौरिया,एचवाडा,बूडदा,गोवर्धन,गोपालपुर सहित लगभग ऐसी सभी पंचायतें है जो शौचालय के नाम पर भ्रष्टाचार करा शिकार हो गई है। पचांयत सचिव, सरपंच और सहायक सचिव ने करोडों रूपए की राशि को ठिकाने लगा दिया।  

खनियाधाना में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा संपूर्ण स्वच्छता अभियान

खनियाधाना जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतो में शौचालय निर्माण में महाभ्रष्टाचार इन पंचायतो में गुगरी, महुआ, मुहांसा, वीरपुर, रही,खडीचरा, गणेशखेड़ा,पूरा, गताझलकोई, काली पहाड़ी,वण्डा, बामौरकला,ममरोनी ,बूकर्रा, रिछाई,पौठ्याई,देवरी,ओढी, गजौरा,पड़रा,लहर्रा,मुड़िया,मुहारी,घिलोंदरा,खुरई,ख़िरकित,गजौरा,पिपरोदा आलम में सरपंच सचिव रोजगार सहायक ने कमीशन पर लेकर घटिया आधे अधूरे बनबाये शौचालय बनवाए है।