आदर्श शिक्षण योजना तैयार करने वाले शिक्षक होंगे पुरस्कृत - SHIVPURI NEWS

शिवपुरी।
राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षण योजना निर्माण विषय पर यूट्यूब लाइव द्वारा राज्य स्तरीय शैक्षिक संवाद का आयोजन किया गया। संवाद में आयुक्त, राज्य शिक्षा केन्द्र, श्री लोकेश कुमार जाटव ने कहा कि कोविड-19 के दौरान हमने ऑनलाइन शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन कर सभी की सहभागिता सुनिश्चित की है।

बच्चों की शिक्षा के सभी प्रयासों के केंद्र बिंदु शिक्षक हैं। उनकी भूमिका का कोई विकल्प नहीं है। कक्षा की गतिविधियों में शिक्षक की ही भूमिका सर्वोपरि होती है। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों में बेहतर शिक्षण हेतु शिक्षकों को सुझाव एवं दिशा-निर्देश भी दिए।

शिक्षण योजना बाल केन्द्रित हो

शिक्षक बच्चों के अनुरूप, बाल केन्द्रित पाठ्यक्रम तैयार करें और जॉयफुल लर्निंग में पढ़ाने का प्रयास करें, ताकि बच्चे स्वरूचि से पढ़ाई में शामिल हों। साथ ही शिक्षक सहायक शिक्षण सामग्री का बेहतर प्रयोग सुनिश्चित करें। बच्चों को रटाएं नहीं, बल्कि उनसे रोचक और रचनात्मक प्रश्न पूछें। प्रश्न ऐसे हों जो बच्चों को सोचने पर मजबूर करें और विचार शक्ति का विकास करें। बच्चों की दैनिक आत्मसात करने की क्षमता बढ़ाने के लिये शिक्षकों को निरंतर कारगर प्रयास करना होंगे।

शिक्षण योजना होगी एजुकेशन पोर्टल पर अपलोड

बताया गया कि शिक्षण योजना निर्माण के लिए लर्निंग आउटकम आधारित टीचर हैंडबुक में उल्लेखित सीखने के मुख्य घटकों के आधार पर आदर्श पाठ योजना तैयार की जाएगी। डाइट, जिला शिक्षा केंद्र, विकासखंड स्रोत समन्वयक एवं जनशिक्षा केंद्र स्तर से शिक्षा योजना तैयार की जाएगी। इस अभियान के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

पुरस्कार एवं ग्रेडिंग

आयुक्त ने कहा कि आदर्श शिक्षण योजना निर्मित करने वाले शिक्षकों, जन शिक्षकों, ब्लॉक अकादमिक समन्वयकों को भी पुरस्कृत किया जायेगा। अभियान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये डाइट एवं जिला शिक्षा केंद्र द्वारा किये गए प्रयासों के आधार पर जिलों की ग्रेडिंग की जाएगी।

शिक्षकों की सहायता के लिए सीएम-राइज के अंतर्गत लर्निंग आउटकम कोर्स

श्री जाटव ने कहा कि दीक्षा एप पर पहला कोर्स प्रारंभ हो चुका है। कक्षा 1 से 8 पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों, जनशिक्षकों, ब्लॉक अकादमिक समन्वयकों, ब्लॉक स्रोत समन्वयक, सहायक परियोजना समन्वयकों दृ अकादमिक एवं डाइट की सभी फैकल्टी को यह कोर्स श्रृंखला अनिवार्यतः पूर्ण करना है।

इसकी जिम्मेदारी डीपीसी एवं डाइट प्राचार्य की होगी। डीपीसी और डाइट प्राचार्य प्रत्येक कोर्स में शत-प्रतिशत शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि ‘‘हमारा घर, हमारा विद्यालय’’ कार्यक्रम अंतर्गत एम-शिक्षा मित्र पर शिक्षकों हेतु विभिन्न कोर्स लांच किये जा रहे हैं। शैक्षिक संवाद में हरदा, दतिया, खरगोन, शाजापुर, छिंदवाडा जिले से सर्वाधिक संख्या में शिक्षकों ने सहभागिता की।