आरोप: रिश्वत लेते पकड़े गए DR. AL SHARMA को इनाम में CMHO का पद मिला, इन पर कार्यवाही करो / SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। आज शिवपुरी में जब से सीएमचओ का प्रभार मिला है तब से ही सुर्खियां बटौर रहे है। आज फिर शिवपुरी सीएमचओ का रिश्वतखोरी का मामला फिर से उछल गया। आज रिश्वत खोरी के आरोप लगाते हुए प्रार्थी शिशुपाल लोधी निवासी पिछोर ने कलेक्टर से शिकायत की। 

शिकायत करते हुए शिशुपाल लोधी ने बताया है कि शिवपुरी में पदस्थ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ . अर्जुनलाल शर्मा पर रिश्वत में एफ.आई.आर. दर्ज होने के उपरांत आज भी भ्रष्टाचार में लिप्त होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। उन्हें रिश्वत के बदले में सीएमएचओं का दायित्व और थमा दिया है।

आरोप लगाते हुए शिशुपाल ने बताया है कि डॉ अर्जुनलाल शर्मा द्वारा उससे 5000 रूपये की रिश्वत मांगी थी। जिसपर शिशुपाल ने उक्त मामले की शिकायत लोकायुक्त ग्वालियर में की। जहां लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर द्वारा इन्हें रिश्वत लेते हुए पकड़ा तथा इनके विरूद्ध लोकायुक्त में एफ.आई. आर जिसका क्रमांक 272/2016 दर्ज की गई थी। लेकिन उसके पश्चात् इनके विरुद्ध आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है । बल्कि इनको भ्रष्टाचार करने के लिए सी . एम.एच.ओ. का पद प्राप्त हुआ है । इस मामले में अर्जुनलाल शर्मा द्वारा रिश्वत में पकड़े जाने के बाद भी इनके द्वारा आज भी भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा है ।

पीडित ने बताया है कि इनके द्वारा ए.एन.एम. स्थानांतरण में जमकर " लूट - खसोट " ( रिश्वत ) ली गई । स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि ब्लॉक बी.एम.ओ. भी स्टाफ से कहते नहीं चूकते की सी.एम.एच.ओ. साहब से मिल लो लिफाफा दे आओ । आरोप लगाते हुए बताया गया है सीएमएचओ द्वारा महिला कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है तथा ये महिलाओं का शोषण करन में नहीं चूकते ।

जिसका सबूत सिरसोद की ए.एस.एम. भगवती कोली के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। यह मामला भी महज मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद दव गया। इतना ही नहीं इन्होंने डी.सी.एम शिवपुरी के माध्यम से बदरवास में आशाओं को लाखों रूपये का बोनस भुगतान कराया तथा फर्जी प्रसव डलवाये गये ।

भ्रष्टाचार में लिप्त होने का कारण इनका प्रशासनिक अंकुश संबंधित कर्मचारी व अधिकारियों में नहीं है। जिसके कारण जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि ऐसे व्यक्ति जिस पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण ( एफ.आई.आर ) रिश्वत लेते पकड़ा गया है। पीडित ने इस मामले में कलेक्टर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पद से शीघ्र हटाकर जांच किये जाने की मांग की है।