कैसे बचा जा सकता हैं इस खतरनाक CORONA से, अब चिंतन का विषय हैं - खुला-खत @ डॉ.निसार अहमद

शिवपुरी। पूरे विश्व में कोरोना महामारी ने अपनी चपेट में ले लिया हैं लॉकडाउन से लेकर अनलॉक 4 तक सरकार और आमजन संघर्ष कर रही हैं। अब कोरोना जानलेवा होकर खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है,अब सोचने का और सही निर्णय लेने का समय हैं और इससे कैसे बचा सकता हैं। इसी गंभीर विषय पर शहर के डॉक्टर निसार अहमद ने शिवपुरी समाचार को एक खत भेजा हैं और इस पब्लिक में भेजना का आग्रह किया है। पढिए सशब्द यह पत्र जिसे हम प्रकाशित कर रहे हैं।


वैश्विक महामारी कोरोना के नए संक्रामक दौर में प्रतिदिन भारत में 90000 नए रोगी सम्मिलित हो रहे हैं।प्रदेश में भी बड़ी संख्या में लोगों के संक्रमित होने की संख्या निरंतर बढ़ रही है। भय का कोई वातावरण प्रतीत नहीं होता हैं, जिस पर लॉकडाउन में ढील देकर पूरे शहर को निरंकुश जैसा छोड़ दिया गया है

पिछले 4 माह की मेहनत का परिणाम यह हुआ है कि कोरोना पॉजिटिव की बढ़ती संख्या को देखकर अब डॉक्टर भी कोरोना से ग्रसित हो रहे हैं उन्हें स्वयं को अस्पतालों में जगह नहीं मिल रही है और तो और जो स्वस्थ डॉक्टर हैं उन्होंने  अपने क्लीनिक बंद करना प्रारंभ कर दिया हैं।


यह बिंदु क्या दर्शाने का प्रयास कर रहे हैं हम कहां सफल और कहां असफल हो रहे हैं।प्रशासन की गलती या के नागरिकों में अनुशासन का पालन न करने की एक जिद से किस दिशा में जा रहे हैं यह हमें बेहतर तरीके से समझना होगा.


प्रशासन की व्यवसायिक स्थिति और रोजगार संबंधी मजबूरियां हो सकती हैं किंतु प्रशासन को अनिवार्य सहायता करना भी आम नागरिकों का परम कर्तव्य है और आम नागरिकों से आव्हान किए जाने की अनिवार्यता है कि वह इस महामारी के संदर्भ में पर्याप्त संज्ञान लेकर अतिआवश्यक होने पर ही अपने घरों से बाहर निकले।

जिससे इस वायरस का कम्युनिटी प्रसार कुछ हद तक रोका जा सके। जिस प्रकार से सेवाभावी चिकित्सक एवं उनके परिवार के सदस्य इस संक्रमण से प्रभावित हो रहे हैं तथा उन्हें चिकित्सालय में भी एडमिशन नहीं मिल पा रहा है जो बड़े ही दर्द का विषय है क्योंकि यदि डॉक्टर स्वयं ही बीमार होने लगेगें तो शहर के नागरिकों का उपचार कौन करेगा।

प्रशासन से अपेक्षित है कि सभी संभावित माध्यमों से, प्रदेश के वासियों को चेतावनी स्वरूप आव्हान किए जाने की आवश्यकता है कि वह अघोषित तथा स्वयंभू लॉकडाउन पालन करने का प्रयास करें ताकि कोरोना पॉजिटिव आने वाली दैनिक संख्या में कमी लाई जा सके।

प्रशासन से यह विनम्र निवेदन भी है कि वह शक्ति प्रदर्शन स्वरुप अपने प्रशासनिक अमले को बाजारों में, सड़क के चौराहों पर तैनात रखें ताकि लोगों में अनुशासन के पालन हेतु भय भी रहे,स्थिति और भयावह हो चली है और चिकित्सक अब हैरान हैं परेशान हैं और प्रशासन को इस संदर्भ में कुछ नया सोच कर कर गुजरने की आवश्यकता है।

जिससे विपरीत परिस्थिति में चिकित्सकों को अपने औषधालय /क्लीनिक /ओपीडी बंद करने की नौबत ना आए। कोरोना से बचने और इस संक्रमण को खत्म करने की जिम्मेदारी सरकारो की हैं उतनी ही भारत के हर नागरिक की हैं,इससे युद्ध किजिए इससे संक्रमित ना हो। क्यो कि अगर एक भी व्याक्ति इससे संक्रमित होता हैं तो कोरोना की विजय होती है। मास्क लगाकर घर से निकले आवश्यक हो जब ही घर से निकले। सैनिटाईज या साबुन से हाथ साफ करे.......भारत के सभी नागरिको के बेहत्तर स्वास्थय की कामना करते हुए जयहिंद