कालामढ का कालासच: 3 SDM, 3 तहसीलदार, 2 RI, 4 पटवारी और सरंपच-सचिव सहित 12 पर हो चुकी हैं FIR - Bairad News


शिवपुरी। जिले के बैराड नगर पंचायत सीमा में आने वाला कालामढ क्षेत्र का कालासच कई बार बहार आ चुका हैं। पहले मामला सरकारी जमीन को प्लाट बेचने के नाम पर आता था। अब कालामढ के भूमिसर्वे क्रमांक 571/1 पर स्वीकृत महाविदयालय के कारण सुर्खियो में आ रही हैं। 

बताया जा रहा हैं कि इस सर्वे नंबर पर ही कलेक्टर शिवपुरी के ओदश पर महाविदयालय के जमीन स्वीकृत हुई थी। अब इस कॉलेज का भूमिपूजन होने का समय आ गया हैं और वर्तमान में यह जमीन प्लाटो के रूप में डायवर्ड होकर मकान बन गए है। 

पोहरी में उपचुनाव होने हैं चुनाव जितने के लिए भाजपा इस क्षेत्र की पुरानी मांग उच्च शिक्षा कॉलेज की पूरी करने के उद्देश्य से आगामी समय में होने वाले प्रदेश के मुखिया के दौरे पर इस कालेज के भूमिपूजन का कार्यक्रम बनाने की दिशा मे हैं। लेकिन अब इस कॉलेज को जमीन प्रस्तावित हैं,वह भूमाफियाओ के द्ववारा सेल कर दी गई है। अब प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं कि अगर जमीन को मुक्त कराऐंगें तो कांग्रेस मुददा बना सकती हैं। वही कॉलेज का अतिक्रमण वाली जमीन पर भूमिपूजन कैसे होगा। 

जब कालामढ पंचायत थी तब से ही इस बेशकिमती जमीन को बेचा जा रहा हैं। मामला कई पर सुर्खियो में आया हैं। भूमाफिओ पर सरकारी जमीन बेचने के मामले में मामला दर्ज भी हो चुका है। इस मामले में 3 एसडीएम,3 तहसीदार,2 आर आई,4 पटवारी, सरपंच सचिव सहित 12 अन्य लोगो पर मामला दर्ज हुआ था। 

570/1, 572/2, 571/1, 571/2, सर्वेन 833 एवं 898 मिन सर्वे नं 570/2 इन सभी नम्बरों में भूमाफिओं द्वारा फर्जी पट्टे तैयार करने पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरों ग्वालियर में बर्ष 2012 में धारा 420, 209 120 बी, 467, 468, 471 भ द वि एवं 13 (1) डी 13 (2) नि.अ. 1988 अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। 

इसके आलावा इसी जमीन को लेकर सन् 1999 में भी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ 170/99 420, 467, 468, भदवि तहत इन्ही नामजद मामला दर्ज हुआ था। इसके आलावा शिवपुरी थाना कोतवाली में भी इस मामले को लेकर उपरोक्त धाराओं के तहत मामला पंजीवद्ध किया गया था।

पूर्व कलेक्टर भी पूर्व में दे चुके है FIR के आदेश

प्रकरण क्रमांक 109/10,11/बी121 दिनांक 18.5.2011 में पोहरी एसडीएम को एफआई आर दर्ज करने के आदेश तत्कालीन कलेक्टर द्वारा दिये गये थे परन्तु आज 9 बर्ष बीतने के बाद भी भूमाफिओं पर कोई कार्यवाही नही हुई सबसे खास बात तो यह है कि आज भी उक्त भूमाफिओं द्वारा कॉलेज एवं अन्य शासकीय जमीन पर कब्जा किये हुये है और उसे विक्रय कर रहे है। 

महाविद्यालय की 10 बीघा जमीन का सीमांकन करने के लिए माखन सिंह द्वारा एसडीएम तहसीलदार को विधिवत आवेदन दिया गया है परंतु आज तक सीमांकन नहीं किया गया है अब उच्च न्यायालय में जाकर जनहित याचिका लगाऊंगा। 

इनका कहना है
कॉलेज के उद्घाटन की तो हमें जानकारी नहीं है इससे पूर्व एसडीएम और तहसीलदार द्वार अभियान के दौरान कुछ अतिक्रमण हटाया भी गया था और भू माफिया पर पूर्व में इनके खिलाफ केस ईओडब्ल्यू में चल रहा है, कॉलेज की जमीन की मुझे जानकारी नहीं है इस मामले को बैराड़ तहसीलदार देख रहे हैं।
पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता