इच्छा से देशी, जरूरत से स्वदेशी और मजबूरी में ही करें विदेशी का समर्थन: सतीश कुमार / SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। आज भारत विश्व गुरू बनने की ओर इसलिए अग्रसर है क्योंकि देश में अब चीनी सामग्री का बहिष्कार होकर स्वदेशी का अपनाया जा रहा है लोगों में स्वदेशी को लेकर भावना विकसित हो रही है लोग इसका महत्व समझ रहे है 73 सालों में पहली कोई सरकार आई है। जिसने ईमानदारी से स्वदेशी के महत्व को बताने और नीचे तक पहुंचाने एक उच्च स्तर की पहल की है। 

सन् 1991 से स्वदेशी जागरण मंच स्वदेशी अपनाने को लेकर कार्य कर रहा है और वर्तमान केन्द्र सरकार ने इस ओर ठोस कदम उठाकर एक ओर जहां 59 चीनी एप्प पर प्रतिबंध लगाया, करोड़ों के चीनी ठेके निरस्त किए और वॉकल फॉर लोकल का नारा देकर देश को आत्मनिर्भर बनाने का जो कार्य किया है उसका स्वदेशी जागरण समर्थन करता है।

हमारा संदेश भी है इच्छा से देशी, जरूरत से स्वदेशी और मजबूरी में हो विदेशी, इसलिए स्वदेशी जागरण स्वदेशी वस्तुओं को प्रमोट करने वालो को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित करने का कार्य करता है शिवपुरी में आज अर्थ एवं रोजगार सृजक का कार्य करने वाले उद्यमियों को इसलिए सम्मानित किया गया है ताकि देश में हरेक व्यक्ति नौकरी पाने नहीं बल्कि रनौकरी देने वाला बने, इसे लेकर स्वदेशी जागरण मंच के विभिन्न प्रकल्प इसके लिए कार्य कर रहे है।

उक्त उद्गार व्यक्त किए स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सतीश कुमार जो दिल्ली से शिवपुरी प्रवास पर आए और यहां स्थानीय श्रीबांकड़े हनुमान मंदिर पर आयोजित कार्यक्रम स्वावलंबन और समृद्धि में योगदान प्रदान करने वाले उद्यमियों के लिए आयोजित अर्थ एवं रोजगार सृजक कार्यक्रम को के माध्यम से उद्यमियों को सम्मानित करते हुए प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर स्वदेशीय जागरण मंच के केशव दुबोलिया प्रांत संगठन मंत्री भी मौजूद रहे साथ ही प्रांत प्रचार मंत्री संजीव गोयल व बेंहटा गुरूद्वारा प्रबंधक बाबा तेग सिंह एवं श्रीबांकड़े मंदिर महंत गिरिराज जी महाराज व डॉ.गिरीश जी महाराज सहित स्वदेशी जागरण मंच के प्रभात मिश्रा, दिवाकर शर्मा, आशुतोष शर्मा, गजेन्द्र शिवहरे, प्रणय शर्मा, गोपाल गौड़, शैलेष शर्मा, के.के.भार्गव आदि मौजूद रहे।

स्वदेशी से ही हो सकता है राष्ट्र का उत्थान:सांसद डॉ.के पी यादव

स्वदेशी जागरण मंच के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए स्थानीय सांसद के पी यादव ने कहा कि स्वदेशी से ही राष्ट्र का उत्थान हो सकता है, लोकल फॅर वोकल का नारा देकर माननीय प्रधानमंत्री जी ने नागरिकों में इसी चेतना को जाग्रत किया है।

जिससे स्वदेशी को लेकर एक भाव लोगो के मन मे आया है जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द देखने को मिलेंगे भारत एक सर्वोच्च शक्ति के रूप में अग्रणी राष्ट्र बनेगा।बाल आयोग के पूर्व अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र को उसके स्वदेशी मंत्र के आधार पर ही परखा जा सकता हैएस्वदेशी की भावना को जितना बल मिलेगा राष्ट्र उतना आगे जायेगा।पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने भी उक्त कार्य को बढाबा देने की बात कही।

पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य ने स्वदेशी जागरण मंच के द्वारा किये जा रहे कार्यो जन जागरण की प्रशंसा की। संचालन सुरेश दुबे स्वदेशी गीत प्रमोद मिश्रा तो अतिथियों का स्वागत हरिहर शर्मा, माखनलाल राठौर, कपिल दुबे, राजू बाथम आदि ने तो आभार जगदीश पाराशर जिला संयोजक स्वदेशी जागरण मंच ने माना।

लॉकल फॉर वोकल की मांग की थी स्वदेशी जागरण मंच ने

प्रेसवार्ता के माध्यम से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आह्वान करते हुए स्वदेशीय जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सतीश कुमार ने कहा कि स्वदेशीय जागरण मंच तो विगत लंबे समय से लॉकल फॉर बोकल की मांग कर रहा था लेकिन अब यह साकार रूप में सामने आएगा इससे इंकार नहीं किया जा सकता है।

हमारा आह्वान की चाईनीज वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाऐं और स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए हमने नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की ओर अग्रसर है ताकि छोटे-छोटे स्वरोजगार को बढ़ावा देकर आमजन को आत्मनिर्भर बनाया जाए और इस देश को सशक्त मजबूत बनाते हुए आर्थिक रूप से संपन्न किया जा सके।

श्री कुमार ने बताया कि स्वदेशी जागरण मंच ने इसकी शुरूआत सर्वप्रथम 14 लाख हस्ताक्षर अभियान के साथ की थी, 9 अगस्त को भारत छोड़ो आन्दोलन की तर्ज पर चीनी वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी को अपनाने का अभियान चलाया, 15 अगस्त के दिन मेरा परिवार स्वदेशी परिवार अभियान चलाया और इसमें परिवार तक पहुंच स्वदेशीय जागरण मंच ने बनाई।

7 उद्यमियों को किया सम्मानित

अर्थ एवं रोजगार सृजक कार्यक्रम के तहत स्वदेशीय जागरण मंच के द्वारा शिवपुरी जिले के 7 ऐसे उद्यमी जिन्होंने अपने सीमित संसाधनों के बाबजूद भी दूसरों को रोजगार दिया और आत्मनिर्भर भारत में योगदान दिया। ऐसे उन सभी उद्यमियों को अर्थ एवं रोजगार सृजक कार्यक्रम के तहत शॉल-श्रीफल व स्मृति चिह्न के साथ सम्मानित किया गया।

इनमें रंजीता देश पाण्डे हैंड सेनेटाईजर उद्यमी, रमेशचन्द्र अग्रवाल बदरवास स्वदेशी जैकेट निर्माण को लेकर, धर्मेन्द्र अग्रवाल कोरोना काल में स्वदेशी पीपीई किट निर्माण, जिम्मी सचदेवा ग्रेनाईट खदान, सचिन गुप्ता पिकनिक बेकरी, गजेन्द्र राठौर आटा फ्लोर मिल, मयंक दुबे दुबे नर्सरी, पेवर्स ब्लॉक के लिए इन उद्यमियों को उनके क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए सम्माितन किया गया।