यह कैसा स्वतंत्रता दिवस, जिम्मेदार अधिकारी ही कर रहे है तिरंगे का अपमान, बना दिया तिरंगे का तमाशा / khaniyadhana News

शिवपुरी। जिस तिरगें की आनबान शान के लिए हमारे क्रांतिकारियो ओर स्वतंत्रता सग्राम सेनानीयो ने अपने प्राणो की आहूति दे दी। उस तिरगें का आज स्वतंत्रता दिवस वाले दिन अपमान किया गया हैं। यह खबर जिले के खनियाधााना के महिला बाल विकास के कार्यालय से आ रही हैं।

जैसा कि विदित हैं कि आज 15 अगस्त हैं और आज के दिन हम अग्रेंजो की सैकडो साल की गुलामी से आजाद हुए थे। इस आजादी को पाने के लिए और हमारी शान तिरगें को फहराने के लिए हमारे देश भक्तो ने अपना जीवन अर्पण कर दिया था।

लेकिन आजाद भारत की 74वीं साल गिराह पर तिरंगें का तामशा बना दिया। पहले तिरंगें को फहराया गया इसके बाद इस फहराए हुए तिरंगे को डंडे सहित एक कमरे में रख दिया गया लेकिन जब स्थानीय नागरिकों और मीडिया को इस मामले की जानकारी लगी और मीडिया बाल विकास कार्यालय पहुंची तो खनियाधाना के बाल विकास अधिकारी अतिम यादव द्धारा वापस तिरंगें को उठाकर ग्राउंड में रख दिया गया। कुल मिलाकर आज के दिन तिरंगें का तमाशा किया गया।

नियमानुसार आज के दिन तिरंगा फहराया जाता हैं तो शाम तक तिरंगें को उतारा नही जाता हैं। एक वीडियों शोसल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिससे तिरंगा झुक रहा हैं। सरासर तिरंगें का अपमान किया जा रहा हैं। आप स्पष्ट देख सकते हैं कि जिस ग्रांउड में तिरगें को फहराया गया हैं उसकी कोई साफ सफाई नही हैं तिरंगें के पीछे सरकारी गाडिया रखी हुई।

कहने का सीधा सा अर्थ हैं कि शायद अधिकारी अमित यादव जो सरकारी सैलरी पर पल रहे हैं  सरकारी गाडियो में घूम रहे हैं उन्है इस तिरगें की शान के विषय में कोई जानकारी नही हैं। सवाल बडा यह भी बनता हैं कि कार्यक्रम तयशुदा था पूर्व से तैयारी नही की गई ग्राउंड को साफ नही किया गया था।

पढ लिख कर यह अधिकारी बने हैं अपनी पढाई कि किसी भी किताब में इन्होने यह पही पढा की किसी भी राष्ट्र के लिए राष्ट्रध्वज का क्या महत्व होता हैं। उसके झुकने का क्या मतलब होता हैंं इस ध्वज को फहराने के लिए कितने लोगो ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

इस मामले में मौंके पर तहसीलदार की टीम मौके पर पहुंंची और पूरे घटना का पंचनामा भी बनाया गया हैं। अब देखते हैं कि इस अधिकारी को क्या सजा मिलती हैं तिरगें का तमाशा करने की।

इनका कहना है
हमारा कार्यालय किराए की बिल्डिंग में है। हमारे एग्रीमेंट में बाउंड्री नहीं है। जिसके चलते हमारे किसी कर्मचारी ने झंडे को फहराने के बाद उसे सुरक्षित गमले में ही अंदर रख दिया था। वह पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया था। अपमान जैसी कोई बात नहीं हुई है।
अमित अग्रवाल,परियोजना अधिकारी,महिला बाल विकास विभाग खनियांधाना।