शिवपुरी जिले के उपसंचालक पशु पालन विभाग डा महेन्द्र तमोरी द्धारा कर्मचारीयों और अधिकारीयों से पैसा मांगना एवं पैसा न देने पर उसको अतिरिक्त प्रभार का आदेश देना आमबात बन गई है। ऐसा उदाहरण जब देखने में आया कि एक एवीएफओ को मूल पद स्थापना से हटाकर जिले में कार्य करने हेतु आदेश पारित किए गए।
इसी प्रकार जो स्थापना इसके अधीन नहीं आते उसका कलेक्टर महोदय द्धारा अनुमोदन कराकर डीओ भोपाल द्धारा अतिरिक्त प्रभार हेतु आदेश पारित करवा दिया है। हद तो तब हो गई जब एक कर्मचारी चतुरसिंह सेंगर को दिनांक 31 अगस्त को सेवानिवृत हो रहा है।
एवं जिसकी स्थापना भी ग्वालियर है। उनको भी अतिरिक्त प्रभार एवं आदेश तारी कर तत्काल चार्ज लेने हेतु आदेशित किया जाता है। ऐसी परिस्थिति में यदि संबधिंत का पीपीओ लेटर जारी नहीं होता है। तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
क्योकि कोरोना के चलते आना जाना बंद है एवं संबधित को अपने कागजात तैयार करवाने के एिल ग्वालियर जाना पडेगा। ऐसे में संबधित ने चेतावनी दी है कि यदि मेरे पीपीओ लेटर में देरी हुई तो उसके लिए ज्मिमेदार डॉ तमोरी होगे। और उसकी शिकायत कर वह डॉक्टर तमोरी पर मुकदमा दर्ज कराएंगे।

