मानवता फिर शर्मशार: 25 दिन से भगवान भरोसे भगवान, एक पैर कटा हुआ, दूसरा भी गैंगरीन का शिकार

संजय चिडार/शिवपुरी। मानवता को झकझौर देने बाली तस्वीर,एक पैर कटा हुआ दूसरा भी गैंगरीन का शिकार,25 दिन से अस्पताल में 2 साल के बच्चे सहित पत्नि के साथ नरकीय जीवन जीने को मजबूर भगवान आदिवासी, लेकिन कोई सुनने बाला नहीं दिल को दहला देने बाली यह तस्वीर जिला चिकित्सालय की है।

जी हां हम बात कर रहे है जिला चिकित्सालय शिवपुरी की। जहां लगातार एक के बाद एक मानवता को शर्मसार करने बाली तस्वीर आ रही है। अभी हाल ही में एक छत्तीसगढ का युवक कचरे में पढा हुआ मिला। आज पिछोर का भगवान लाल भगवान के भरौषे है। 25 दिन से अस्पताल में पडे इस युवक को उपचार तो दूर अस्पताल प्रबंधन भोजन तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।

दरअसल पिछोर के भितरगांव निवासी भगवान सिंह 25 दिन पहले पैर का आपरेशन कराने आया हुआ है। पैर में समस्या के चलते वह अस्पताल में 1 दिन तो डॉ ने देखा दूसरे दिन डॉ ने उसे घर जाने की बोल दिया। बताया गया है कि जिला चिकित्सालय में उसका महज 1 दिन इलाज किया उसके बाद उसे घर जाने की बोल दिया। भगवान आदिवासी का एक पैर संभवत: गैंगरीन नामक बीमारी के चलते काट दिया गया था। अब दूसरा पैर भी इस बीमारी की चपेट में आ गया है।

भगवान सिंह के साथ में उसकी 2 साल की बेटी और पत्नि है। पैर से लाचार भगवान सिंह अस्पताल में ही आने बाले लोगों की और टकटकी लगाए रहते है। जो भी कोई आता है वह उसे खाने पीने दे जाते है। उससे वह पापी पेट की आग बुझा रहे है।

भगवान सिंह की कोई बडी परेशानी नहीं है वह उपचार चाह रहा है। परंतु उसका उपचार नहीं हो पा रहा तो उस स्थिति में वह अपने गांव जाना चाहता है। पैर से लाचार होने और जेब में पैसे नहीं होने के चलते वह अस्पताल में ही पडा हुआ है।