उपचुनाव से पहले कांग्रेस की कमान संभाल सकते हैं यह नेता: कांग्रेस में जिलाध्यक्ष के लिए मंथन शुरू / Shivpuri News

शिवपुरी। जिले मे पोहरी और करैरा में उपचुनाव होने हैं। कांग्रेस में उपचुनाव से पूर्व नया जिलाध्यक्ष बनाने के लिए मंथन शुरू हो चुका है।ज्यातिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से पलायान कर लिया हैं,इस कारण कांग्रेस के कई दिग्गज नेता कांग्रेस छोड भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस कारण जिले में संगठन को मजबूत करने के लिए अब नए जिलाध्यक्ष बनाने की तैयारी कर रहा हैं।

जिले में कांग्रेस की राजनीति की धुरी महल से जुडी हुई हैं। ज्यातिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोडने के बाद आधी कांग्रेस ने उनके साथ भाजपा का दामन थाम लिया हैं। अभी तक यह स्पष्ट नही हो सका हैं कि कौन कांग्रेस के साथ हैं कौन भाजपा में विलय कर गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ यादव और उनकी टीम के अधिकतर नेता भी भाजपा में समा चुके हैं। वर्तमान समय में कांग्रेस जिलाध्यक्ष की कुर्सी खाली हैं। इस कारण उपचुनाव से पूर्व सगठन को मजबूत करने के लिए जिलाध्यक्ष के नाम पर मंथन चल रहा है।

बताया जा रहा हैं कि जिले में मृत पडी कांग्रेस में जान फूकने के लिए ऐसा जिलाध्यक्ष चाहिए जो निष्ठापूर्ण कांग्रेसी हो और पूरे जिले में सर्वमान्य होकर कांग्रेस को खडा कर सके। इसलिए किसी वरिष्ठ नेता को कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाया जा सकता हैं।

जिले की पांच विधानसभा सीटो में से पोहरी और करैरा में उपचुनाव होने हैं। इस उपचुनाव में दोनो दलो के लिए एक—एक सीट महत्वपूर्ण हैं। एक भाजपा को सत्ता बचानी हैं और कांग्रेस को पुन:पानी हैं। इसलिए यह चुनाव सत्ता का फायनल चुनाव माना जा रहा हैं। भाजपा और कांग्रेस इस उपचुनाव में पूरी दम से चुनाव लडेंगें।

कांग्रेस की सेना का जिले में अभी कोई सेनापति हैं उपचुनाव के रण में जाने से पूर्व कांग्रेस सेनापति का चयन करना चाहती हैं। जिले में कांग्रेस के पास अभी एक मात्र विधायक हैं।चुनावो की घोषणा कभी भी हो सकती हैं। जिले में कांग्रेेस के जिलाध्यक्ष के लिए 3 नाम चर्चाओ में है। पूर्व विधायक गणेश गौतम,पूर्व विधायक हरिबल्लभ शुक्ला और पूर्व जिला अध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा।

सगंठन के हिसाब से देखे तो अनुभवी नेता में तो श्री प्रकाश शर्मा का नाम सबसे ऊपर है। कारण यह कि वह पूर्व में 10 साल जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। वह दिग्गी गुट के माने जाते हैं। लेकिन लंबे समय तक सिंधिया गुट के हावी रहने से ये हासिए पर थे। इसलिए इनका दावा सबसे मजबूत नजर आ रहा है। वहीं तेजतर्रार नेता व पूर्व विधायक हरीवल्लभ शुक्ला का नाम भी चल रहा है।

हालांकि शुक्ला की नज़र पोहरी विधानसभा सीट पर भी है। वे यहां से विस उपचुनाव के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। पूर्व विधायक गणेश गौतम का नाम भी पार्टी के बड़े नेताओं तक पहुंचा हैं,गणेश गौतम की स्वयं की बहुत बडी एक टीम हैं। गणेश गौतम मिलनसार और सहज हैं। सिंधिया टीम के पलायन के समय कांग्रेस के साथ यह खडे आए इस कारण यह नाम एक मजबूत नाम हैं।