GIRL FRIEND के चक्कर में हो गया था कर्जा इसलिए रची खुद के अपहरण की साजिश / Shivpuri News

शिवपुरी। श्रीराम कॉलोनी में रहने वाले 19 वर्षीय युवक पीयूष शर्मा ने कर्ज से परेशान होकर खुद के ही अपहरण की साजिश रच डाली और अपने पिता के पास 6 लाख रूपए की फिरौती की खबर भिजवाई। उसने अपने मित्र के माध्यम से एक फोटो भी भिजवाया जिसमें पीयूष के हाथ पैर बंधे थे।

यह समाचार सुनकर युवक ने बताया कि उसका अपहरण पोलो ग्राउंड से कल शाम 4 बजे हुआ। अपने पुत्र के अपहरण की बात सुनकर उसके पिता मनीष शर्मा के हाथ पैर फूल गए और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। अपहरण फिरौती की इस मांग पर पुलिस सक्रिय हो गई और उसने पूरी ताकत इस मामले को सुलझाने में लगा दी।

जिसके परिणामस्वरूप हवाई पट्टी क्षेत्र से उसके मित्र के यहां से पीयूष को पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस ने पीयूष के कुछ दोस्तों को भी गिरफ्तार किया है। जिनमें से कुछ पुरानी शिवपुरी और कुछ फिजीकल के बताए जा रहे हैं।

प्रेस वर्ता में पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि सिरसौद के रहने वाले मनोज शर्मा श्रीराम कॉलोनी में निवास करते हैं। बताया जाता है कि उनका पुत्र पीयूष शर्मा ग्वालियर में पढ़ता है और लॉकडाउन के कारण वह अपने घर शिवपुरी आया हुआ था। कल वह अपने दोस्तों के साथ घर से चला गया था और बताया जाता है कि इसके बाद उसने अपने मित्र अभिषेक यादव को मैसेज किया कि उसका अपहरण हो गया है और अपहरणकर्ता उसे छोडऩे के लिए 6 लाख रूपए की मांग कर रहा है।

तुरंत युवक के परिजन कोतवाली गए और उन्होंने मामला दर्ज कराया। कोतवाली टीआई ने इस मामले की जानकारी एसपी राजेश सिंह चंदेल को दी। एसपी ने अधीनस्थ पुलिस बल को तत्काल कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। पुलिस ने युवक के दोस्तों से जब सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला साफ हो गया और युवक को हवाई पट्टी के पास एक घर से बरामद कर लिया गया । पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि कर्जे के चक्कर में उसने अपने अपहरण का नाटक रचा। ताकि अपने चाचा से 6 लाख रूपए वसूले जा सकें।

4 लाख का था युवक पर कर्जा
सूत्रों के अनुसार युवक पीयूष शर्मा पर 4 लाख रूपए का कर्जा था। उसके परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। जबकि उसके चाचा राज शर्मा जो कि शिक्षक हैं, उनकी आर्थिक हालत अच्छी थी। जिसके चलते उसने उनसे पैसे लेने के लिए स्वयं अपने अपहरण की साजिश रची। लेकिन पुलिस की सक्रियता से उसका यह प्रयास सफल नहीं हो पाया।
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गर्लफ्रेंड के चक्कर में हुआ कर्जा
बताया जाता है कि पीयूष शर्मा जो कि ग्वालियर में अध्यनरत है, उस पर कर्जा गर्लफ्रेंड के चलते हुआ। अपनी गर्ल फ्रेड की इच्छाएं पूरी करने के लिए उसने कर्जे पर विभिन्न लोगों से पैसे लिए और वह 4 लाख रूपए के चक्कर में आ गया। कर्जदार उस पर जब पैसे देने के लिए दबाव बनाने लगे तो उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपहरण की यह साजिश रच दी।

इन अधिकारियों की रहीं महत्वपूर्ण भूमिका
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरी. बादाम सिंह यादव, थाना प्रभारी फिजिकल निरी. सुनील खेमरिया, थाना प्रभारी देहात उनि. के. एन. शर्मा, उनि. राजीव दुबे, उनि. अनुपम मिश्रा, उनि. रूपेश शर्मा, उनि. अरविंद छारी, उनि. अमित चतुर्वेदी, सउनि प्रवीण त्रिवेदी, आर. विकास, आर. देवेन्द्र, नरेश ,भूपेन्द्र एवं ऐडी टीम की सराहनीय भूमिका रही।