श्रीप्रकाश शर्मा बने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष, कहा संगठन को मजबूत कर चुनाव जीतेंगे / Shivpuri News

शिवपुरी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महामंत्री केसी वेणूगोपाल ने शिवपुरी जिले के कांग्रेस जिलाध्यक्ष के रूप में जिले के वरिष्ठ नेता श्रीप्रकाश शर्मा के नाम की घोषणा कर दी हैं। श्रीप्रकाश शर्मा पूर्व में भी 10 साल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। श्रीप्रकाश शर्मा दिग्गी समर्थक माने जाते हैं। पिछले 10 साल से ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज में वह कांग्रेस की सक्रिय राजनीति से किनारा कर गए थे।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ यादव और उनकी टीम के अधिकतर नेता भी भाजपा में समा चुके हैं। वर्तमान समय में कांग्रेस जिलाध्यक्ष की कुर्सी खाली हैं। इस कारण उपचुनाव से पूर्व सगठन को मजबूत करने के लिए जिलाध्यक्ष के नाम पर मंथन चल रहा था मंथन में शिवपुरी क जिलाध्यक्ष के लिए श्रीप्रकाश शर्मा के नाम का चुनाव हुआ हैं।

शिवपुरी समाचार ने नवनियुक्त कांग्रेस के जिला अध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा से बातचीत की अपनी बातचीत में कहा कि जो लोग कांग्रेस छेाडकर भाजपा में गए वह केवल सिंधिया निष्ठ थे कांग्रेसी विचारधारा के नही थे। अब जिले में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना हैं जो हमारे है और छोड कर चल गए और जो किन्ही कारणो से घर पर बैठे है उन्है वापस लाना हैं और अपने साथ खडा करना हैं। आगे उपचुनाव हैं सगठन को मजबूत कर चुनाव जीतना हैं।

स्व. माधवराव सिंधिया ही श्रीप्रकाश को लाए थे राजनीति में

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा को स्व. माधवराव सिंधिया राजनीति में लाए थे । 1977 में जब माधवराव सिंधिय ने गुना लोकसभा सीट से कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा तब युवा श्री प्रकाश और उनके मित्र गणेश गौतम तथा राजेंद्र शर्मा ने स्व. माधवराव सिंधिया का साथ दिया। 1980 में सिंधिया तीनों युवा नेताओं को अपने साथ कांग्रेस में ले गए ।

इनमें से सिर्फ राजेंद्र शर्मा ही तब से अब तक महल के प्रति निष्ठावान रहे हैं। गणेश गौतम की आस्थाएं बदलती रही हैं। उन्होंने भाजपा लोकजन शक्ति पार्टी आदि की यात्राएं भी की हैं। श्री प्रकाश शर्मा सिंधिया खैमे से निराश होकर केपी सिंह के साथ जुड गए और जिसका उन्हें राजनैतिक रूप से फायदा भी खूब हुआ। वह स्व. माधवराव सिंधिया के विकास कांग्रेस बनाने के बाद शिवपुरी जिले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बने और लगभग 10 वर्षो तक इस पद पर रहे।