उपज बेचने के क्रम में किसान अगर कोरोना संक्रमित होता हैं तो जबाबदारी किसकी: आनंद धाकड | Shivpuri News

शिवपुरी। लोकडाउन के मोड में किसानो को अपनी उपज बेचने के आदेश मप्र सरकार ने दिए। किसानो को अपनी उपज बेचने के लिए सरकार ने कुछ नियम बनाए हैं। किसानो को अपनी उपज बेचने के लिए मण्डी जाना पडेगा। मप्र किसान काग्रेंस के प्रदेश सचिव आनंद धाकड ने प्रदेश के सीएम को एक पत्र लिखा हैं और उसमे किसानो के उपज बेचने खरीदने पर महत्वपूर्ण सुझाव दिया हैं। हम इस पत्र को सशब्द को प्रकाशित कर रहे हैं।

श्री शिवराज सिंह चौहान मुख्यमत्री,मप्र शासन, मेरा निवेदन है कि कोरोना जैसी महामारी को ध्यान में रखते हुए हमारे देश के प्रधानमंत्री जी द्वारा लॉक  डाउन की घोषणा की गई है और कलेक्टर द्वारा भी शिवपुरी जिले में धारा 144-2 लगा रखी है और आपके द्वारा 15 अप्रैल 2020 से कृषि उपज मंडियों में निर्धारित समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के निर्देश जारी किए गए हैं।

मेरा आपसे निवेदन है कि किसान भाइयों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गेहूं खरीदी कृषि उपज मंडियों में ना कराते हुए गांव गांव कर्मचारी जाकर किसान भाइयों का गेहूं खरीदी करें कोरोना महामारी को देखते हुए किसानों एवं खरीदी कर्मचारियों का शासन द्वारा बीमा कराया जाए यदि खरीदी के दौरान किसी भी किसान भाई या कर्मचारी को रोना जैसी बीमारी से पीड़ित होता हैं।

तो इसकी समस्त जवाबदारी मध्यप्रदेश शासन की होगी।  अतः मेरा आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि कोरोना  महामारी को देखते हुए किसानों एवं समस्त कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है इसलिए गेहूं खरीदी कृषि उपज मंडियों में ना कराते हुए गांव -गांव में गेहूं खरीदी कराए जाने का आदेश देने की कृपा करें मैं आपका सदैव आभारी रहूंगा।