दिहाडी काम करने वाले लोगो को खाने के लाले,आटा उधार मांगकर काम चला रहे | Shivpuri News

शिवपुरी। देश में लॉकडाउन होने के कारण काम बंद हैं। दिहाडी पर काम करने वाले लोगो के लिए घर में चूल्हा जलाने का संकट खडा हो रहा हैं। इस कारण कई परिवार के लोग नगर पालिका पहुंच रहे हैं। नपा कर्मी इन लोगो का नाम पता नोट कर इनके घर राशन पहुंचाने का आश्वासन देकर चलता कर रहे हैं। भीड इतनी हो रही हैं कि सोशल डिस्टेंस का नियम फ्लो नही हो पा रहा हैं।

राशन कार्ड से जेठ गेहूं ले रहे, आटा उधार लाए तब घर में खाना बना

झोपड़ी में रहने वाली रानी खटीक ने बताया कि लॉक डाउन के कारण काम बंद हैं। इसलिए पति रामू खटीक 20 दिनों से काम पर नहीं जा सके हैं। जेठ का राशन कार्ड बना है, उसी में मेरा व पति का नाम लिखा है। हमारा परिवार अलग है, दूसरा राशन कार्ड नहीं बन पाया। इससे हमें गेहूं नहीं मिल रहा। पति शुक्रवार को 5 किलो आटा उधार लेकर आए, तक खाना बना।

चूरन बेचकर गुजारा करने वाली धंती बाई के घर में 5 दिन का राशन बचा

करौंदी बस्ती में रहने वाली महिला धंती बाई बाथम सूखे बेर उबालकर और चूरन बनाकर बेचने का काम करती है। लॉक डाउन में अब बेर-चूरन भी नहीं बिक रहे। कंट्रोल से तीन महीने का राशन मिला, जो 8 सदस्यों को पर्याप्त नहीं। 15-20 किग्रा गेहूं से सिर्फ 5 दिन का गुजारा चल पाएगा। पति दिलीप बाथम को आंखों से दिखाई नहीं देता। बेटे की भी बेलदारी बंद है।

बेलदारी पर नहीं जा पा रहे बेटे, तीन दिन का ही राशन बचा है

महिला पार्वती जाटव के घर में 9 सदस्य हैं। दोनों बेटे बेलदारी करने जाते थे, जिससे गृहस्थी चलती थी। लॉक डाउन के कारण काम बंद हैं, इसलिए मजदूरी पर नहीं जा पा रहे हैं। घर में अब लगगभग 3 दिन का ही राशन बचा है। खाते में पैसे आए हैं या नहीं, इसका भी पता लगाने बाजार नहीं जा रहे। बैंक जाते हैं तो पुलिस डंडे मारकर भगा देती है। अभी तक कोई भी हमारी सुध लेने नहीं आया है।