'आंखो देखी'@गिर्राज शर्मा,शिवपुरी। देश में लॉकडाउन हैं। किन्तु स्वच्छ भारत अभियान में पिछले 5 साल से करोडो रूपए खर्च करने वाला जिले का प्रशासन शहर में ही लोटा लॉक नही कर सका हैं। आज भी शिवुपरी के कई स्थानो पर लोग शौचालय का उपयोग नही कर रहे हैं। इस लॉकडाउन में भी लोटा लेकर निकल रहे हैं ऐसी ही कई फोटो शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने कैद किए हैं।
आज सुबह 6 बजे शिवपुरी समाचार की टीम अपने कवरेज पर जा रही थी,कि नबाब साहब क्षेत्र में कुछ युवतिया और पुरूष लोटा लेकर शौच के लिए जा रही थी। बात अजीब थी और मन मे एक सवाल की आज भी शहरी क्षेत्र में शौचालय नही हैं यहा और कोई बात हैं। इस मामले को जानने के लिए हमने उनसे बात करने की कोशिश की।
हमारी टीम ने जब उनसे बात करने की कोशिश की तो पहले तो वह कैमरो और हमे देखकर भागने लगें। हमारी टीम ने भी हार नही मानी और इस मामले के तह तक जाने की सोची। और वह भी अपनी परेशानी को लेकर हमसे बात करने को तैयार हो गए।
लोटा लेकर निकले सज्जन का नाम गिरवर सैन पुत्र मुरली सेन निवासी नबाव साहब रोड शिवपुरी ने बताया कि उसका शौचालय लगभग फरवरी 19 में बन गया था। लेकिन नगर पालिका के शौचालय बनाने वाले ठेकेदार ने उसका सैफटिक टैंक नही बनाया। इस कारण वह अपने घर मे बने शौचालय का उपयोग नही कर पा रहा हैं। शौचालय बनने से पूर्व और आज तक उसका परिवार प्रतिदिन खुले में शौच करने को मजबूर है।
गिरवर सैन ने बताया कि वह नगर पालिका में 2 बार आवेदन दे आया की उसे सैफटिक टैंक बनाने की परमिशन दी जाए। वह अपने खर्चे पर टेेंक बना लेगा लेकिन नपा ने उसे परिमिशन नही दी हैं। वह टेंक बनता है तो पडौसी उससे झगडा करते हैं।
गिरवर ने बताया कि इस ऐरिए में ऐसे कई परिवार हैं जिनके घर शौचालय नही बने हैं। अगर किसी के यह बने तो सेफटिक टेंक नही बने वह भी नबाव साहब रोड के पीछे बने नाले में खुले में शौच करने को मजबूर हैं। पुरूषो को तो ठीक है लेकिन महिलाए शहर में अभी भी खुले में शौच जाए यह प्रशासन के मर्यादा अभियान की पोल खोल रहा हैं।
