सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल: छात्र को बोतल में जहरीला पदार्थ पिलाने का आरोप, छात्र की तबियत बिगडी | Pichhore News

पिछोर। शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग में चल रही निजी विद्यालय शिक्षण संस्थानों में कुछ विद्यालयों द्वारा अनदेखी के चलते बच्चों को इसका खामियाजा भुगतना पडता है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस मामले में पल्ला झाडते हुये अपना दोष नहीं होने की सफाई दी जाती है। एैसा ही एक मामला पिछोर के शिवपुरी रोड आदर्श कॉलोनी स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर विद्यालय में देखने को मिला।

जिसमें एक छात्र की पीने के दूषित जल को पीने से तबियत इतनी बिगड गई कि उसके परिजनों केा लेने के देने पड गये। अपने बच्चे की बिगडती तबियत को देख परिजनों द्वारा उसका इलाज कराया। समय रहते इलाज से बच्चे की हालत में सुधार हो गया और अब बच्चा स्वस्थ्य है। लेकिन विद्यालय प्रंबंधन की लापरवाही से नाराज होकर छात्र के परिजन आग बवूला होकर विद्यालय पहुंचे और विद्यालय प्रबंधन को इसका दोषी मानते हुये खरीखोटी सुनाई।

लेकिन इसके जबाव में विद्यालय प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकार ना करते हुये उल्टा परिजनों को ही दोषी ठहराया और छात्र के परिजनों केा विद्यालय से वाहर जाने को कहा। जिस पर से नाराज होकर छात्र के परिजनों ने इसकी लिखित में शिकायत पुलिस थाना पिछोर में की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार पिछोर नगर के आदर्श कॉलोनी स्थित निजी विद्यालय सरस्वती ज्ञान मंदिर में कक्षा 5 में अध्ययनत छात्र राघवेन्द्र उम्र 10 साल के पिता मनोज सगर पुत्र भागचन्द्र सगर उम्र 36साल ने पुलिस को की गई लिखित रिपोर्ट के माध्यम से बताया कि 25 फरवरी केा उनका बेटा राघवेन्द्र रोज की तरह स्कूल पढने गया था तभी मेरी पत्नी अंजू सगर का फोन आया कि स्कूल के संतोष सर ने घर पर आकर बताया है कि राघवेन्द्र की बोतल में फिनायल मिला है। जिसे राघवेन्द्र ने पी लिया है।

इतना सुनते ही हम स्कूल पहुंच गये जहां बच्चे राघवेन्द्र ने बताया कि वह लंच में एक खाली कमरे में खाना खाने पहुंचा था। जहां उसकी बोतल में का पानी पिया तो उसका मुंह खराब हो गया। बच्चे ने बताया कि उसकी बोतल में किसी ने कुछ मिला दिया था। बच्चे की हालत खराब होने पर तुरंत उसे डा पियूष के यहां इलाज करवाया।

जहां बच्चे की हालत में सुधार होने पर हमने विद्यालय प्रंसीपल से बात की तो अपनी गलती स्वीकारने के बजाय उन्हेांने इसमें बच्चे की गलती बताते हुये अपना पल्ला झाड लिया। जिस पर मैंने इस घटना के लिये बिद्यालय प्रबंधन केा जिम्मेदार ठहराते हुये कार्यवाही करने का लिखित आवेदन पुलिस थाना पिछोर में दिया। पुलिस पिछोर द्वारा मुझे जांच उपरांत विद्यालय प्रबंधन पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया।

प्राचार्य ने नहीं उठाया फोन
इस संबंध में सरस्वती ज्ञान मंदिर के प्राचार्य से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। जिससे उनकी कोई टिप्पणी नहीं ली जा सकी।

इनका कहना है
घटना के संबंध में छात्र के पिता द्वारा सरस्वती ज्ञान मंदिर के प्रबंधन के खिलाफ अभद्र व्यवहार करने व प्रबंधन की अनदेखी के चलते उसके पुत्र की तबियल विगडने की लिखित शिकायत की गई है। जिसके संबंध में पुलिस अभी प्रकरण की जांच में जुटी हुई है। जांच उपरांत जो भी दोषी पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जावेगी।
अजय भार्गव, टीआई, पुलिस थाना पिछोर