रक्षक बनी भक्षक: जंगल से लकडी भरकर ले जा रहा ट्रेक्टर पकड़ा, भेंट पूजा ली और छोड दिया | kolaras News

हार्दिक गुप्ता/कोलारस। भ्रष्टाचार का गढ बने फोरेस्ट विभाग के अधिकारी जिन्हें जंगल की कटाई को रोकने के लिए सरकार ने रखा है। परंतु कोलारस के फोरेस्ट कार्यालय में जब से नवागत रैंजर ने जॉइन किया है। तब से ही यह रैंज सुर्खियां बटौर रही है। भ्रष्टाचार को खुली छूट देने बाली फोरेस्ट की रैंजर ही जब भक्षक बन गई हो तो फिर यहां किससे उम्मीद की जाए। ऐसा ही एक मामला आज फिर कोलारस से आया है। जिसमें फोरेस्ट द्धारा अवैध कटाई कर लाई जा रही लकडी से भरे एक ट्रेक्टर को फोरेस्ट की टीम ने पकडा। परंतु ट्रेक्टर को लेकर न तो कोई शासकीय रजिस्ट्रर रंगा गया अपितु इस मामले को अनचाहे तरीके से रैंजर मेंडम ने निपटा लिया। 

जानकारी के अनुसार वन माफिया अधिकारियों से सांठगांठ कर दोपहर के समय वृक्षों की कटाई करते हैं एवं रात के अंधेरे में उनका परिवहन किया जाता है ऐसा ही एक मामला कोलारस वन्य क्षेत्र के देहरदा गणेश बीट अंतर्गत ग्राम ढकरोरा  काले पानी के पास का सामने आया हैं

जिसमें ग्रामीणों की माने तो वन विभाग के अधिकारियों द्वारा लकड़ी से भरे एक ट्रैक्टर को पकड़ा गया राजनीतिक प्रेशर एवं लेनदेन के चलते उक्त ट्रैक्टर को उसी स्थान पर खाली करा कर छोड़ दिया गया एवं लकड़ियों को वन विभाग के अधिकारियों द्वारा अन्यत्र स्थान पर रखवा दिया गया।

इस मामले को लेकर जब डिप्टी रेंजर फरीद खान से बात की गई तो वह लकड़ी के पकड़े जाने को लेकर मुकर गए उनका कहना था कि हमारे द्वारा कोई लकड़ी की जब्ती की कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि किसी के घर में घास में छिपाकर रखी हुई लकड़ी के फोटो मामले को साफ बयां करते हैं। जंगल में  कटे हुए वृक्षों के अवशेष उक्त घटना अभी भी प्रमाणित करते है। यह बात शिवपुरी समाचार डॉट कॉम नहीं बल्कि इनके फोटों रैंजर कतिका सिंह को यह बताने के लिए काफी है कि उनके क्षेत्र में किस तरह से जंगलों की कटाई की जा रही है।

धरपकड़ अभियान बना वसूली अभियान


सूत्रों के अनुसार 2 दिन पहले लकड़ी से भरी हुई एक बैलगाड़ी को रेंजर द्वारा ग्राम ढकरोरा के समीप पकड़ा गया था। जिसे रात भर ग्राम में रखने के बाद सुबह ले देकर छोड़ दिया गया वन विभाग का  कार्रवाई न  करना वसूली अभियान की ओर इशारा करता है।

वन विभाग के अधिकारियों का लकड़ी माफियाओं से सांठगांठ कर आए दिन जंगलों की अवैध कटाई जारी है प्राणवायु देने वाले  वृक्षों को माफिया कुल्हाड़ी एवं मशीनों से भूमि पर धाराशाही कर रहे हैं।