जनता की सुनवाई के लिए ही नहीं कलेक्टर के पास समय, जनसुनवाई में नहीं पहुंची | Shivpuri News

शिवपुरी। शासन द्वारा जनसुनवाई कार्यक्रम इस उद्देश्य के साथ प्रारंभ किया था कि जिले भर के नागरिकों की समस्या का निराकरण किया जा सके। आमजनों की समस्या के निराकरण के लिए प्रति सप्ताह के मंगलवार को जनसुनवाई रखी जाती है। जिसमें जिलाधीश समेत जिला मुख्यालय पर पदस्थ प्रत्येक मुख्य अधिकारी को अनिवार्य रूप से 11 बजे से लेकर 1 बजे तक उपस्थित रहना हैं। लेकिन शिवपुरी जिलाधीश स्वयं ही जब अपने कार्यालय में 12:30 बजे उपस्थित होती हैं तो अन्य अधिकारियों से समस्याओं के निराकरण के लिए कैसे उम्मीद लगाई जा सकती हैं।

एक कहावत के अनुसार जब कमाण्डर ही समय पर उपस्थित नहीं होगा तो फौज से क्या उम्मीद लगायें? दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से जिले भर से नागरिक अपनी समस्याओं का निराकरण कराने के लिए एक उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता और वो निराश होकर वापस चले जाते हैं। जनसुनवाई हो अथवा सूचना के अधिकार के तहत चाही गई जानकारी नागरिकों को उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं।

जिससे मजबूर होकर नागरिकों को मुख्यमंत्री हेल्पलाईन पर शिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ता हैं। जिसके दर्जनों प्रकरण आज भी लंबित बने हुए हैं। लेकिन अधिकारी समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं और न ही सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसी स्थिति में जिलाधीश दरबार में जनसुनवाई के माध्यम से ग्रामीण आते हैं तो वहां जिलाधीश भी उपलब्ध नहीं मिलती हैं तो मायूस होकर ग्रामीण मांथा पीटने लगते हैं।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में इस मंगलवार को 86 आवेदक अपनी समस्याए लेकर आए। उन्होंने अधिकारियों को अपनी समस्याएं बताई। जनसुनवाई में आवेदकों की समस्याओं को सुना गया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को समय-सीमा में आवेदनों के निराकरण के निर्देश दिए। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एच.पी.वर्मा, अपर कलेक्टर आर.एस.बालोदिया, एसडीएम, संयुक्त कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टर और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं को सुना और निराकरण का आश्वासन दिया।