शिवपुरी। फार्मूले गणित में लगाते हुए आपने देखा होगा,लेकिन भ्रष्टाचार करने के लिए फार्मूला आपने किसी को नही लगाते देखा। लेकिन महिला बाल विकास विभाग ने भ्रष्टाचार करने के लिए फार्मूला लगा दिया है। जिससे पिछले कई सालो से जमी भ्रष्टाचार की डिलिंग न टूटे।
खबर आंगनवाडीयो से जुडी हैं और भ्रष्टाचार किया जा रहा हैं केन्द्रो पर बांटने वाले भोजन में। इसी मामले को लेकर शिवपुरी की विधायक और पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने इस भ्रष्टाचार पर से पर्दा उठाने और इसे समाप्त करने के उद्देश्य से विधानसभा में एक प्रश्न लगाया।
प्रश्न लगाते ही विभाग ने फैविकॉल से भी मजबूत जोड वाला एक नियम का जोड चिपका दिया अब इस भ्रष्टाचार को सरकारी नियम बना दिया गया। इस भ्रष्टाचार को खत्म करने वाले इस प्रश्न से विभाग ने आगे निकलते हुए अपने चैनल पार्टनरो को बचा भी लिया और एक नया नियम चिपका का उन्हे आगे भ्रष्टाचार करने की खुला लाईसैंस दे दिया।
यह सवाल उठाया विधानसभा में
बताया गया हैं कि शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने विधानसभा में अपने प्रश्न के माध्यम से सरकार की महिला विकास विभाग की मंत्री इमरती देवी से पूछा कि कि क्या शिवपुरी शहर में 128 आंगनवाडी केन्द्र संचालित है।
क्या इन केन्द्रों पर 13 समूह भोजन वितरण कर रहे है। क्या एक समूह को दो या उससे अधिक केन्द्रों पर वितरण की पात्रता है। क्या शहर में इन 13 समूहों के अलावा कोई और समूह इस काम के लिए आवेदन नहीं कर रहा। तथा इन्ही बीते 2 वर्षो में कितना भोजन दिया गया। क्या नए समूह को इस कार्य को करने के लिए दो साल में कोई निविदा जारी की गई।
विभाग इस प्रश्न के संज्ञान में आते ही एक कदम आगे की ओर चल दिया
विदित हो कि 10 दिसंबर को महिला बाल विकास विभाग ने पोषण आहार वितरण के समूह आमत्रंण की एक सामान्य निविदा जारी की,जिसमें 17 दिसंबर तक आवेदन मांगे जाने तथा 500 रूपए जमा करके आवेदन के लिए शर्तो की जानकारी विभाग द्धारा दिए जाने की बात लिखी गई।
शिवपुरी शहर में कुल 126 आंगनवाडी केन्द्र है। जिनमें महज 13 समूह ही भोजन वितरण कर रहे है। शहर में संचालित इन समूहों को गेंहू—चावल सहित अन्य सामाग्री कंट्रोल की दुकानों से निशुल्क मिलती है। सिर्फ मसाले व सब्जी आदि ही समूह संचालकों को बाजार से लानी पडती है। बाबजूद इसके शहर के समूहों को बीते दो साल में 2 करोड 12 लाख 71 हजार 675 रूपए की राशि शासन से दी गई।
यह है वह नियम जो फैविकॉल के जोड से भी ज्यादा मजबूत हैं
शिवपुरी महिला बाल विकास विभाग ने पोषण आहार वितरण का काम लेने वाले आवेदन समूह से मांगा है कि उन्हें 3 साल का अनुभव हो तथा 3 साल की आडिट रिपोर्ट भी बताए।
सवाल यह है कि जब किसी नए समूह को बर्षो से काम दिया ही नहीं गया तो उसे अनुभव कहा से मिलेगा। जब अनुभव नहीं होगा तो वह आडिट रिपोर्ट भी संलग्न नहीं कर पाएगा। इतना ही नहीं एससी वर्ग को प्राथमिकता देने की शर्त रखी है।
जवाब देने जारी की विज्ञप्ति,फंसाया पेंच
यह मामला विधानसभा में सवाल 22 दिन पहले लगाया जाता है। सवाल लगाते ही विभाग ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए 10 दिसंबर को निविदा जारी कर उसकी अंतिम तिथि 17 दिसंबर तय कर दी। ताकि वे विधानसभा में यह जबाव दे सके कि नए समूह को आमंत्रित किया है। विधानसभा में बताया गया,वितग दो साल में शहर के समूहों को 21271675 रूपए की राशि दिए जाने की जानकारी दी गई।
इनका कहना है
निविदा विज्ञप्ति जारी की है इसके लिए काफी आवेदन भी आए है समूह बनाने के बाद इसमें बचत आदि के काम करके अनुभव लिया जा सकता है,एससी को प्राथमिकता दी है, ऐसा नहीं है कि पुराने समूह को काम देने के लिए कोई विशेष नियम जोडा हो, सब कुछ नियमानुसार ही शर्त रखी है, जल्द ही समूहों में बदलाब नजर आएगा।
देवेन्द्र सुंदरियाल,जिला कार्यक्रम अधिकारी,महिला बाल विकास विभाग शिवपुरी

