मुन्ना की किचिन केबिनेट में पके 9.80 करोड के कार्य, परिषद ने मिलकर लुढका दिए

शिवपुरी। शहर की भ्रष्टाचार की ब्रांड नगरपालिका में परिषद की इस कार्यकाल की अंतिम बैठक हुई थी। इस बैठक में मुन्ना के भ्रष्टाचार को लेकर जमकर हंगामा हुआ।परिषद में पीआईसी के बिंदुओ को सिरे से ख्रारिज कर दिया। कुल मिलाकर अध्यक्ष की किचिन केबिनेट के प्रस्तावो को सभी पार्षदो ने मिलकर नकार दिया। या सीधे शब्दो में लिखे पहली बार पार्षदो ने मुन्ना के आखिरी भ्रष्टाचार करने की योजना में किल ठोक दी।  

बताया जा रहा हैं कि अध्यक्ष की किचिन कैबिनेट में 2020-21 के लिए पानी के परिवार सहित अन्य सामग्री खरीदने के लिए रखे प्रस्ताव खारिज कर दिए हैं। घसारही फिल्टर प्लांट, भदैयाकुंड एवं संपवेल की मोटर मरम्मत कार्य 10 लाख, फिल्टर प्लांट पर लगने वाली सामग्री खरीदने 10 लाख, एल्युमीनियम केबिल व केपीसीटर 20 लाख, फेरिक एलम 30 लाख, बिलीचिंग पाउडर 50 लाख, (ए)जीआई सामग्री 30 लाख, (बी) जीआई सामग्री 30 लाख व (सी) जीआई सामग्री 30 लाख, सीआई सामग्री 80 लाख रुपए का समान खदीदने का प्रस्ताव था।

इसी प्रकार सबमर्सिबल पंप सेट अलग-अलग क्षमता के खरीदने 80 लाख, विद्युत सामग्री 80 लाख, वार्ड 1 से 39 तक चार भागों में 30-30 लाख के मान से 1.20 करोड़ और वार्ड 1 से 39 तक चार भागों में 2500 लीटर क्षमता के टैंकर पानी सप्लाई के लिए (80-80 लाख) कुल 3.20 करोड़ रुपए, 12 हजार लीटर क्षमता के टैंकरों के लिए 40 लाख और 24 हजार लीटर क्षमता के लिए 50 लाख रुपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए एजेंडे में रखा था।


कार्यकाल खत्म होने की अंतिम परिषद की बैठक के सभी मुददे नपा ने सभी पार्षदो के पास भेज दिए थें। नपा उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी ने लिखित विरोध दर्ज करा दिया और कहा कि पीआईसी के सारे कामों में भ्रष्टाचार हुआ है, हम कोई भी पुष्टि नहीं देंगे। जो भी काला-पीला हुआ है, इसके लिए पीआईसी जिम्मेदार होगी।

इसके बाद सीएमओ केके पटेरिया ने माइक थामा और कहा कि उपाध्यक्ष की बातों से मैं सहमत हूं। मैंने अधिकारियों को पहले भी निर्देश दिए थे कि जितनी भी पीआईसी हुईं हैं, उनमें पारदर्शिता होना चाहिए। हालांकि सीएमओ ने कहा कि सभी पार्षदों के घर पीआईसी ठहराव प्रस्ताव भेज दिए जाएंगे।

नपा उपाध्यक्ष ने नपा के भ्रष्टाचार उंगलियों पर गिनाते हुए कहा कि मनियर तालाब में भ्रष्टाचार हुआ है, तालाब खुदा नहीं है। गंदे नाले की सफाई में भी भ्रष्टाचार हुआ है। हाईमास्ट नहीं लगे, बीस हजार की लाइट काम नहीं आईं। हंडे लगवाकर काम चलाना पड़ा। उपाध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार गिनाने बैठ जाऊं तो दो घंटे लगेंगे।

45 मिनट चली बैठक, अध्यक्ष मुन्नालाल उठकर चले गए
परिषद की बैठक 11.33 बजे से शुरू हुई तो कांग्रेस पार्षद आकाश शर्मा ने माइक लेकर अध्यक्ष व सीएमओ को खरी-खरी सुनाना शुरू कर दीं। धीरे-धीरे दूसरे पार्षदों ने भी कहा कि वे जानना चाहते हैं कि पीआईसी में क्या-क्या ठहराव-प्रस्ताव हुए हैं। उसके बाद ही वे इस पर अपनी सहमति दे पाएंगे। बिना देखे हम सहमति नहीं दे सकते। काफी विरोध के बाद अध्यक्ष मुन्नालाल ने कहा कि महिलाओं को भी बोलने दें और फिर बैठक से बाहर निकल गए। इसी के साथ बैठक खत्म हाे गई।