शिवपुरी। नए साल के प्रथम सप्ताह में शिवपुरी नगर पालिका ओर जिले की पुरानी 6 नगर परिषदों का कार्यकाल खत्म हो रहा हैं। कार्यकाल खत्म होने पर इन निकायो में प्रशासन नियुक्त कर दिए जाऐंगें।
वहीं नगरीय निकाय चुनाव के लिए नपा शिवपुरी और 6 पुरानी नगर परिषदों के साथ तीन नई नगर परिषदों के वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया 26 दिसंबर को शुरू होगी। यह प्रक्रिया तीन दिन यानी 28 दिसंबर तक चलेगी। नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद के आरक्षण की प्रक्रिया फरवरी में होगी।
बता दें कि नगरीय निकाय चुनाव इस बार गैर दलीय आधार पर होगा। अध्यक्ष का चुनाव भी सीधे मतदान से नहीं होगा। इस बार पार्षद ही अध्यक्ष चुनेंगे। इसलिए वार्ड पार्षद का चुनाव और महत्वपूर्ण हो गया है।
यही कारण है कि वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया पर सभी पार्षदी के दावेदार नेताओं के साथ-साथ अध्यक्ष के दावेदारी करने वालों की निगाहें भी टिकी हुई हैं। हालांकि कई महीने पहले से ही दावेदारों ने वार्डों में अपनी दावेदारी शुरू कर थी, लेकिन आरक्षण के बाद के बाद खुले रूप से दावेदार मतदाताओं को रिझाना शुरू कर देंगे। वार्ड आरक्षण की
प्रक्रिया 26 दिसंबर को सुबह 11 बजे से कलेक्टर कार्यालय में होगी।
पार्षद बनने के लिए ज्यादा दावेदार, क्योंकि यही तय करेंगे अध्यक्ष: अभी कांग्रेस के मुन्नालाल कुशवाह शिवपुरी नगर पालिका के अध्यक्ष हैं, लेकिन उनका कार्यकाल जनवरी में समाप्त हो रहा है। अब नगरीय निकाय अध्यक्षों का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होना है, यानी पार्षदों में से ही अध्यक्ष चुना जाएगा। ऐसा 20 साल बाद होगा। इसलिए वार्डों में पार्षदी के दावेदारों की सूची भी लंबी होगी।
प्रत्याशियों को नहीं मिलेंगे पार्टियों के अधिकृत चुनाव चिह्न
नगर पालिका और नगर परिषद चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियां भले ही अपना प्रत्याशी तय करें लेकिन उन्हें अधिकृत रूप से पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं मिलेगा। ऐसें में पार्टी के बागी भी चुनाव लड़ेंगे और आम आदमी के लिए उनमें अंतर करना इसलिए मुश्किल होगा क्योंकि सभी प्रत्याशी निर्दलीय प्रत्याशी होंगे और उसी प्रकार उन्हें चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
महिलाओं के लिए इस बार भी 50 फीसदी सीटें आरक्षित
शिवपुरी नगर पालिका और जिले की सभी नगर परिषदों के लिए वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया जिला मुख्यालय पर होगी। यह प्रक्रिया तीन दिन 26, 27 और 28 दिसंबर को होगी। इस प्रक्रिया के लिए जिला कलेक्टर अनुग्रहा पी को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। महिलाओं के लिए इस बार भी 50 फीसदी सीटें आरक्षित रहेंगी। शहरी विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी मधु श्रीवास्तव ने बताया कि तीन दिन में जिले के सभी नगरीय निकायों के वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
जिले में तीन नई परिषद बनीं, अब 10 निकाय
जिले में इस बार 11 नगरीय निकायों में चुनाव होंगे। इन सभी के लिए वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया की जाएगी। इनमें एकमात्र नगर पालिका शिवपुरी की है, जहां 39 वार्ड हैं। इसके अलावा 6 पुरानी नगर परिषद और तीन नई नगर परिषद हैं। इनके वार्डों का आरक्षण भी इन तीनों में होगा। तीन नई नगर परिषदों में पोहरी, रन्नौद और मगरौनी शामिल है।
वहीं नगरीय निकाय चुनाव के लिए नपा शिवपुरी और 6 पुरानी नगर परिषदों के साथ तीन नई नगर परिषदों के वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया 26 दिसंबर को शुरू होगी। यह प्रक्रिया तीन दिन यानी 28 दिसंबर तक चलेगी। नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद के आरक्षण की प्रक्रिया फरवरी में होगी।
बता दें कि नगरीय निकाय चुनाव इस बार गैर दलीय आधार पर होगा। अध्यक्ष का चुनाव भी सीधे मतदान से नहीं होगा। इस बार पार्षद ही अध्यक्ष चुनेंगे। इसलिए वार्ड पार्षद का चुनाव और महत्वपूर्ण हो गया है।
यही कारण है कि वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया पर सभी पार्षदी के दावेदार नेताओं के साथ-साथ अध्यक्ष के दावेदारी करने वालों की निगाहें भी टिकी हुई हैं। हालांकि कई महीने पहले से ही दावेदारों ने वार्डों में अपनी दावेदारी शुरू कर थी, लेकिन आरक्षण के बाद के बाद खुले रूप से दावेदार मतदाताओं को रिझाना शुरू कर देंगे। वार्ड आरक्षण की
प्रक्रिया 26 दिसंबर को सुबह 11 बजे से कलेक्टर कार्यालय में होगी।
पार्षद बनने के लिए ज्यादा दावेदार, क्योंकि यही तय करेंगे अध्यक्ष: अभी कांग्रेस के मुन्नालाल कुशवाह शिवपुरी नगर पालिका के अध्यक्ष हैं, लेकिन उनका कार्यकाल जनवरी में समाप्त हो रहा है। अब नगरीय निकाय अध्यक्षों का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होना है, यानी पार्षदों में से ही अध्यक्ष चुना जाएगा। ऐसा 20 साल बाद होगा। इसलिए वार्डों में पार्षदी के दावेदारों की सूची भी लंबी होगी।
प्रत्याशियों को नहीं मिलेंगे पार्टियों के अधिकृत चुनाव चिह्न
नगर पालिका और नगर परिषद चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियां भले ही अपना प्रत्याशी तय करें लेकिन उन्हें अधिकृत रूप से पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं मिलेगा। ऐसें में पार्टी के बागी भी चुनाव लड़ेंगे और आम आदमी के लिए उनमें अंतर करना इसलिए मुश्किल होगा क्योंकि सभी प्रत्याशी निर्दलीय प्रत्याशी होंगे और उसी प्रकार उन्हें चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
महिलाओं के लिए इस बार भी 50 फीसदी सीटें आरक्षित
शिवपुरी नगर पालिका और जिले की सभी नगर परिषदों के लिए वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया जिला मुख्यालय पर होगी। यह प्रक्रिया तीन दिन 26, 27 और 28 दिसंबर को होगी। इस प्रक्रिया के लिए जिला कलेक्टर अनुग्रहा पी को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। महिलाओं के लिए इस बार भी 50 फीसदी सीटें आरक्षित रहेंगी। शहरी विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी मधु श्रीवास्तव ने बताया कि तीन दिन में जिले के सभी नगरीय निकायों के वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
जिले में तीन नई परिषद बनीं, अब 10 निकाय
जिले में इस बार 11 नगरीय निकायों में चुनाव होंगे। इन सभी के लिए वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया की जाएगी। इनमें एकमात्र नगर पालिका शिवपुरी की है, जहां 39 वार्ड हैं। इसके अलावा 6 पुरानी नगर परिषद और तीन नई नगर परिषद हैं। इनके वार्डों का आरक्षण भी इन तीनों में होगा। तीन नई नगर परिषदों में पोहरी, रन्नौद और मगरौनी शामिल है।

