ह्दय रोग शिविर: 22 नौनिहालों के हार्ट का होगा नि:शुल्क ऑपरेशन

शिवपुरी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अर्थात आरबीएसके एक अनूठी योजना है जिसमें बढ़-चढ़ कर जनहित में कार्य हो रहे हैं। गरीबों के नि:शुल्क आपरेशन से बडा पुण्य का कार्य कुछ हो नही सकता है। हम इस योजना को लागू करने के लिए सरकार का अभार व्यक्त करते है।

उक्त उद्गार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत आयोजित नि:शुल्क हदय रोग निदान शिविर में मुख्य अतिथि की आसंदी से बोलते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.ए.एल.शर्मा ने दिए। उन्होंने कहा कि देश में कुल प्रसव का 6 प्रतिशत बच्चे प्रति वर्ष जन्म जात विकृति से ग्रसित बच्चे जन्म ले रहे हैं। उनके लिए उपचार के आरबीएसके की टीम जिस सिददत से काम कर रही है। वह काबिले तारीफ है। पिछले वर्षों में जिले में 202 हदय रोगियों के आपरेशन के लिए स्वीकृति प्रदान कर उनकी सफल सर्जरी कराई गई है।

जिसमें शासन की ओर पिचत्तर हजार रू से तीन लाख पचास हजार रू तक खर्च किए गए हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य सर्वे भवन्तु सुखिना, सर्वे भवन्तु निरामयम का सदैव रहा है। इस लक्ष्य का सदैव ध्यान रख पूरा विभाग कार्यशील है। आम लोग भी शासन की आरबीएसके योजना स्वंय लाभ उठावे और दूसरों को भी लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

कार्यक्रम को जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने भी संबोधित कर आरबीएसके कार्यक्रम के विषय में लोगों का जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्री चौकीकर, सिविल सर्जन डॉ.एम.एल.अग्रवाल, डीपीएम डॉ.शीतल व्यास, डॉ.पी.के. दुबे, डॉ. अनूप गर्ग सहित आरबीएसके के विकासखण्ड स्तर पर पदस्थ चिकित्सक एवं स्टॉफ मौजूद रहा। कार्यक्रम का संचालन अखिलेश शर्मा ने किया।

हदय रोग निदान शिविर में कुल 82 बाल हदय रोगियों का पंजीयन किया गया। जिसमें 22 बच्चों को आपरेशन के लिए चिन्हाकित किया गया। 8 बच्चों को गंभीर हदय रोग होने पर हायर सेंटर रैफर किया गया। 6 बच्चों का 6 माह बाद दुबारा जांच के लिए बुलाया गया है। दो ऐसे बच्चे भी रहे जिन्हें हदय रोग नही निकला। जिससे उनके परिजनों के चेहरों पर प्रसन्नता के भाव स्पष्ट देखे गए।