RTO मधुसिंह का जानलेवा भ्रष्टाचार: बड़े दुख के साथ सूचित करना पढ़ रहा हैं कि लावारिस हो गया आपका शिवपुरी

प्रसंगवश@ ललित मुदगल/शिवपुरी। बडे दुख के साथ सूचित करना पढ रहा हैं कि अपना शिवपुरी अब लावारिस हो गया हैं इसका कोई धनी धोरी नही हैं। कल के हादसे के बाद जिम्मेदारों ने जो मुंह में दही जमाया हैं उससे यह बात प्रमाणिक होती हैं। यह लोकतंत्र की सत्ता नही बल्कि भ्रष्टतंत्र की सत्ता हैं और जानलेवा भ्रष्टाचार करने वाली आरटीओ मधुसिंह जैसे अधिकारी 7 चिताओं की राख पर शान से अपनी कुर्सी पर बैठे हैं।

माफ करना शब्द कड़े हो सकते हैं लेकिन लिखने पढ़ रहे हैं। शहर ही नही प्रदेश के जिम्मेदारों को शिवपुरी के य़़ात्री वाहानों की आवर लोडिंग की वीडियो उनके अधिकृत ट्विटर पर टैग किए गए और आरटीओ शिवपुरी को ऐसे आवर लोडिंग वाहनों पर कार्रवाही करने के लिए आदेशित करने की गुहार लगाई गई।

यह वीडियो प्रदेश के सीएम कमलनाथ,परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत,शिवपुरी—गुना के सांसद डॉ केपी यादव और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवपुरी कलेक्टर अनुग्रह पी के ट्विटर पर टेग किया गया था और इन सभी से निवदेन किया गया था कि ऐसे आवर लोडिंग वाहनों पर कारवाई करने के लिए शिवपुरी आरटीओ को आदेशित करें नही तो कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती हैं, क्या अनहोनी के होनेे के बाद प्रशासन की नींद खुलेगी।

लेकिन बड़े ही दुख के साथ फिर लिखना पड रहा हैं कि पूरन खेडी टॉल प्लाजा पर हुए रविवार की शाम को एक आवर लोडिंग आटो दुर्घटना कल शाम 4 बजे हुई थी। इसमें 7 लोगो ने अपनी जान गई। इस घटना को 24 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं कार्रवाही के नाम पर अभी जीरो हैं।

कोई भी कार्रवाई नही की गई। लिखने का सीधा-सीधा अर्थ हैं कि इतनी बडी दुर्घटना के बाद भी प्रशासन की नींद नही खुली। सिर्फ जिम्मेदारो ने ट्विटर पर शोक संवदेना प्रकट कर दी। शोक संवेदना भी उसी ट्विटर से आई है जिस पर अंशका इस घटना के कई दिन पूर्व टैंग कर सूचित किया गया था।

अभी कुछ दिन पूर्व रायसेन जिले में एक बस् दुर्घटना में 5 लोगो की मौत हो गई थी। इस घटना का शोक प्रकट प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपने अधिकृत ट्विटर से किया था और मरने वालो को 4—4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता करने की घोषणा की गई थी। साथ ही इस घटना के जांच के आदेश,बस की फिटनिस सर्टिफिकेट और ड्रायवर का लाईसेंस निरस्त करने के आदेश दिए।

यह भेदभाव क्यो


रायसेन के साथ शिवपुरी भी मप्र में आता हैं और अभी भी परिवहन मंत्री गोविंद सिह राजपूत हैं शिवपुरी की इस हद्धय विदारक दुर्घटना में 7 लोगो की मौत हो गई हैं लेकिन अभी मंत्री जी ने किसी प्रकार की सहयता या कार्रवाई के आदेश तो छेाडो शोक प्रकट भी नही किया गया।

ये रिश्ता क्या कहलाता हैं मंत्री महोदय 


आरटीओ शिवपुरी पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं,मामला शिवपुरी की मीडिया से होते हुए विधानसभा तक पहुंचा लेकिन सरकार बचाव कर गई,बसो के भुगतान नियम विरूद्ध् लाखो रू सरकार को चपत लगाने की शिकायते लोकायुक्त का पहुंच गई,इसी गबन के मामले ने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटा दिया हैं।

मेडम आफिस में नही मिलती,घर पर ही बैठकर फाईले निवटाती हैं। आरटीओ आफिस दलाल चला रहे हैं,मेंडम ने कामो की रेट बडा दी हैं पूरी सूची शिवपुरी समाचार डॉट कॉम पूर्व में प्रकाशित कर चुका हैं। रिश्वत लेकर वाहानो की फिटनिस कर दी जाती हैं। मेडम अपने एसी चैम्बर से नही निकलती। सडको पर सवारी वाहन यम का रूप लेकर दौड रहे हैं शिवुपरी के कांग्रेसी भी आरटीओ की शिकायते की हैं। अब 7 मौतो के बाद भी मेडम पर कार्रवाही न होना समझ से परे।

अब लोग कर रहें है कि प्लीज इन मौतो की जिम्मेदारी कोई तो लो। मेडम पर कार्रवाई तो करो लेकिन अभी तक ऐसे कोई सकेंत भोपाल से नही दिख रहे है। कार्रवाई के नाम पर जीरो। सवाल उठ रहा हैं कि मेडम पर ईतनी मेहरबानी क्यो। ये रिश्ता क्या कहलाता हैं मंत्री महोदय

ऐसे है यह शहर लावारिस


अब शिवपुरी शहर को लावरिस शहर ही लिखा जाए। 92 करोड का प्रोजेक्ट अभी शुरू नही हुआ हैं चैम्बर टूट चुके हैं,कनेक्शन कौन करेगा पीएचई ओर नगर पालिका लड रही हैं। जनता सिंध का पानी नही पानी आने का आश्वासन पिछले दस से पी रही हैं,धन्य है ऐसे शहर के मर्दो को और इनके र्धर्य को प्रणाम्।

आरटीओ मधुसिंह जैसी अधिकारी अपने जानलेवा भ्रष्टाचार के रूप में 7 चिताओ की राख पर अभी भी शान से बैठी हैं। दूर—दूर तक कोई कार्रवाही नही। ऐसी स्थिती देखकर लिखना ही पडेगा कि बडे ही दुख के साथ सूचित करना पड रहा हैं कि अब आपका शिवुपरी शहर