STAR OF SHIVPURI : YOUTH आइकॉन है 32 वर्षीय युवा SHIVA,15 हजार STUDENTS को दे चुके है नि:शुल्क शिक्षा

शिवपुरी। प्रकृति और समाज ने मुझे इतना दिया है कि मैं उसे रत्ती भर भी उसे लौटा दूं तो मेरा जीवन का उद्देश्य सफल हो जाऐगा। यह कहना है शिवा पाराशर का पेशे से आरईएस में सरकारी कर्मचारी,लेकिन शहर में पहचान एक शिक्षाविद की। शिवा पाराशर की अपनी उम्र से कई गुना आगे की सोच रखते है। शहर के गरीब स्टूडेंटो को शिक्षा दान करना इस शिक्षा के व्यवासिक दौर में एक महान काम है।

शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की संवाददाता कंचन सोनी ने शिवा पाराशर से कुछ विषयो पर बातचीत की। अपनी इस बातचीत में शिवा ने समाज को प्रसन्न रहने के लिए कौन सी शिक्षा अति आवश्यक है यह भी बताया। शिवा पाराशर की उम्र अभी मात्र 32 साल, सोच शहर के निर्धन स्टूडेंटो को उनकी जिंदगी में सफल कराना।

शिवा पाराशर से पहला सवाल किया गया कि शिक्षा दान को शुरू करने के पहले क्या टारगेट थे,इस पर शिवा ने कहा कि जीवन सब जीते हैं, लेकिन अपने स्वार्थ के लिए,लेकिन मेरे मन में कुछ ऐसा था कि दूसरो के लिए भी जीना चाहिए और ऐसा कुछ कर सकू कि मेरा दिया गया उनके जीवन भर काम आए।

इसलिए मैने शिक्षा दान करने का मार्ग चुना। और इसको शुरू करने से पूर्व मैने देखा कि शिवपुरी में अधिकांश ग्रामीण स्टूडेंट है वे गांव से पढने के लिए शिवपुरी आते हैं कोई कर्जा लेकर पढ रहा हैं तो किसी के पिता ने अपने बेटे को उच्च शिक्षा दिलाने कि लिए अपने खेत गिरवी रखे है या बेचे हैं मैं ऐसे स्टूडेंटो को नि:शुल्क विद्यादान कर अपने और उनके जीवन को सफल बनाना चाहता था।

इस उद्देश्य की पूर्ति में आई रूकावटों पर बातचीत करते हुए शिवा ने कहा कि मेरे पास स्वंय की जगह नहीं थी और न ही में किराए से ले सकता था,मैने कई लोेगो से बातचीत की तो उन्होने भी मुझे जगह नि:शुल्क उपलब्ध नही कराई। इसी बीच मेरी मुलाकात छात्रावास में पढ रहे एक छात्र से हुई। जिसने मुझे छात्रावास में पढाने को कहा । इस कारण मैने टीव्ही टावर के पास सरकारी छात्रावास को चुना मुझे वहां पर स्टूडेंट को पढाने के लिए सरकारी परिमिशन में भी परेशानी का सामना करना पढा।

परंतु छात्रावास में पढ रहे छात्रों तथा तत्कालीन अधीक्षक के अटूट प्रयासों से स्थान प्राप्त करने में शिवा सफल हो गए। बाद में कुछ समय यहां नि:शुल्क शिक्षा छात्रों को मिलने लगी। परंतु कहते है किे अच्छे काम में हमेशा रूकाबटें आती है,और यहां यही हाल हुआ शिवा के साथ,यहां भी शिवा के विरोधी खुलकर सामने आ गए और उन्होंने बाजार में यह हवा बनाई कि में एक जाति विशेष विरोधी हूं। मेरे कई स्टूडेंटो का मुझसे तोडा गया, परंतु यहां भी वह हुआ जो शिवा ने सोचा नहीं था। तमाम बाधाओं कें बाद सत्य के सामने विरोधी चारों खाने चित हो गए। और शिवा के पास पढने बाले छात्रों की संख्या घटने की बजाए दुगनी रफ्तार से बढ गई।


जब शिवा से सबाल किया कि आप अपनी सफलता को कैसे देखते है, इस पर शिवा ने कहा कि मेरे द्वारा पढाए गए स्टूडेंट सफल हुए और मेरे बडी पोस्टो पर पहुंचे कई मेरे से बडी उम्र और बडी पोस्टो पर सरकारी पदों पर आसीन है,जब वे मुझे सर कहकर नमस्कार करते हैं तो मुझे अपने जीवन का उद्देश्य सफल होता दिखता हैं। शिवा ने बताया कि वह जीएस की क्लास लेते हैं कॉम्प्टिशन निकालने में यह विषय महत्वपूर्ण हैं। वह 9 साल में अभी तक 15 हजार से अधिक स्टूडेंटो का पढा चुके हैं और लगभग 5 सैकडा स्टूडेंट तृतीय वर्ग कर्मचारी से लेकर क्लास 2 तक के अधिकारी बन चुके हैं।

शिवा ने अपनी सफलता का मूल मंत्र निरतंर प्रयास को बताया। शिवा ने किस्मत पर विश्वास या कर्म पर,इस प्रश्न पर जबाब देते हुए कहा कि दोनों पर,कैसे तो शिवा ने कहा कि यह मेरा भाग्य है कि मै ऐसे संस्कारवान माता—पिता के घर में जन्म दिया कि दूसरो के प्रति सोचू,उनके लिए कुछ कर सकूं यह मेरे संस्कार हैं और इन्ही विचारो को लेकर मैने निरतंर प्रयास किया यह मेरा कर्म हैं।

सफलता के श्रेय किसको देना चाहते हैं इस सवाल पर शिवा ने अपनी मां और अपनी धर्मपत्नि को दिया। शिवा ने बताया है कि मां मंजू पाराशर सुबह मेरी क्लासेस 6:30 बजे प्रारंभ हो जाती थी। इस कारण मुझे 1 घण्टे पहले सो कर उठना होता था। मां मेरी हमेशा समय से पहले मुझे उठा देती थी। साथ ही मेरी दिनचर्या के हिसाब से मेरी जरूरतों को पूरा करती थी।

जब उनसे पूछा कि अपनी पत्नि को श्रेय क्यो दे रहे है इस पर बैबाकी से कहा कि मेरी जब से शादी प्रतिभा अवस्थी सुपरवाईजर महिला बाल विकास विभाग से हुई हैं,मेरी पत्नि ने मेरी क्लासो के कारण बाहर घूमने की जिद नही की,में सरकारी कर्मचारी हूं नौकरी करने के अतिरिक्त जो समय बचता है,वह मेरे परिवार का समय होता हैं व्यक्तिगत समय होता हैं,लेकिन मै अपने इस समय को अपने स्टूडेंटो को देता हूूं,इस बात को लेकर उसने कभी प्रश्न नही किया। इस कारण उसको भी श्रेय देना उचित होगा।

आपका आईकॉन कौन है इस पर शिवा ने बताया कि उसके पिता स्व:श्री श्याम किशोर पाराशर है मैने बचपन में देखा था कि वे हमेशा सत्य और समाज के पिछडे व्यक्ति की पीछे खडे होते थे। समाज कैसा होना चाहिए शिवा ने कहा सकारात्मक,सहयोगात्मक तथा आनंदमयी होना चाहिए,दूसरो के प्रति संवेदनशील और दूसरे के अधिकारों को छीनने नही दिलाने वाला होना चाहिए।

इन्ही संस्कारो के कारण में अपनी गुरू दक्षिणा में अपने स्टूडेंटो से 4 वचन, सदैव अपने माता—पिता का भगवान समान सम्मान करे,नौकरी लग जाए तो भ्रष्टाचार न करे,समाज को समय दे और अपनी जीवन को दूसरो को आगे बढाने में मदद करे यह चारों वचन में अपने स्टूडेंटो से गुरू दक्षिणा में लेता हूं।

सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न आज की शिक्षा और नैतिक शिक्षा में क्या आवश्यक हैं,इस पर शिवा ने कहा कि दोनों ही आवश्यक हैं,एक शिक्षा हमे अपने व्यापार,नौकरी में सफल करती हैं,लेकिन नैतिक शिक्षा हमें अपने परिवार और समाज और प्रकृति के लिए जिम्मेदार बनाती हैं,अगर समाज में नैतिक शिक्षा होगी तो समाज भी प्रसन्न रहेगा। लेकिन छठवें क्लास में पढाई जाने वाली पुस्तक अब हमारे पाठयक्रम से गायब हो चुकी है ओर हमारे जीवन से भी।

यहां बता दे कि शिवा पाराशर छात्रों के आईकॉन बन गए है। इन्होंने प्रक्रति को लेकर जो संकल्प लिया है वह तो हर किसी को चौंका देगा। यहां शिवा ने बताया है कि प्रक्रति में पेडों की कमी को देखते हुए विगत एक माह पूर्व उन्होंने निर्णय लिया है कि अब वह आजीबत अविलंभ प्रतिदिन एक पौधा सुरक्षित जगह पर रौपेंगे।

यह अभियान प्रक्रति का स्वरूप बदलने में अपनी भूमिका अदा करेंगा। इसके साथ ही शिवा के बारे में जब और जानकारी चाही तो वहां जो खुलासे हुए वह तो और भी ज्यादा चौकाने बाले सामने आए। शिवा अपने पिता की याद में हर हर महीने मंगलम शिवपुरी में नि:शुल्क आंखों का कैंप लगवाते है। जिसमें आनंदपुर ट्रस्ट की टीम यहां आकर नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराती है। यह अभियान विगत 2 वर्ष से निरंतर जारी है।

यहां एक बात और बताई गई है कि शिवपुरी में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए ट्यूरिज्म डवलपर्स शिवपुरी के नाम से फेसबुक पेज बनाया है। जिसपर शिवपुरी में ट्यूरिज्म को बढाबा देने के लिए यहां के ट्यूरिस्ट पॉइंट की वीडियों बनाकर अपलोड की जा रही है। जिससे शिवपुरी की और लोगों का ध्यान आकषित हो सके। शिवा का मानना है कि अगर शहर में ट्यूरिज्म में बढौत्तरी होगी तो लोगों को रोजगार का मौका मिल सके।

अगर आप किसी क्षेत्र में ख्याति प्राप्त है। या फिर आपने समाज सेवा के क्षेत्र में कोई उपलब्धि हासिल की है तो आप भी स्टार आफ शिवपुरी में आने के हकदार है। आप अपने अनुभव हमें बताएं हम उसे पूरे शहर को बताएंगे। हमसे संपर्क करें 8959318001 इसके साथ ही आप शिवा पाराशर के बारे में और जानकारी के लिए आप इस लिंग पर क्लिक कर फेसबुक पर भी जानकारी ले सकते है फेसबुक पर शिवा की प्रोफाईल जानने के लिए इस लिंक को क्लिक करें  https://www.facebook.com/shiva.parashar