नशे का गढ बना कोलारस: सरेआम चल रही है मौत की दुकान, पुलिस फैल | SHIVPURI NEWS

कोलारस। प्रशासन जहां नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने की मुहिम प्रति वर्ष चलाता है परंतु प्रशासन केही कुछ नुमाइंदे नशे के कारोबार को चोरी छुपे बढ़ावा दे रहे हैं कोलारस जहां कोलारस को मिनी वृन्दावन के नाम से जाना जाता है परंतु अब यहां पर गांजा अवैध शराब अफीम चरस डोडा जैसे नशे की चीजें आसानी के साथ नशेड़ीयों को उपलब्ध हो जाती हैं यहां पर सबसे अधिक युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है इसके चलते उनके परिजन परेशान हो रहे हैं कोलारस नगर में ही राई रोड पर गुमटीओ मैं रखकर शराब चोरी चुपे भेजी जा रही है जिससेशाम होते ही शराबियों का ताता यहां  लग जाता है।

जबकि इसी सडक़ पर प्राचीन कुंडा वाले हनुमान जी का स्थान है और कॉलेज भी स्थित है यहां तक कि तहसील कार्यालय भी यहीं पर मौजूद है इसके चलते यहां पर आने जाने वाले लोगों को भय बना रहता है खुलेआम बिक रही शराब पर अंकुश आखिर क्यों नहीं लगाया जा रहा इसी तरह गांजा अफीम चरस आसानी के साथ नशाकरने वाले लोगों को आसानी से उपलब्ध हो रहा है इसका जिम्मेदार कौन है प्रशासन और पुलिस प्रशासन को पता होने के बावजूद भी आखिर क्यों कार्यवाही नहीं की जा रही

पचावली रीजोदा सहित अन्य ग्रामीण अंचलों में बिक रहा गांजा और शराब

कोलारस अनु विभाग के ग्राम पचावली रिजोदा जोकि फोललेनसे 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और पचावली खतौरा रोड पर स्थित है यहां पर गांजा खुलेआम अनेक वर्षों से बेचा जा रहा है पुलिस प्रशासन को पता होने के बावजूद भी गाजा बेचने वाले पर आखिर क्यों कार्रवाई और अंकुश नहीं लगाया जा रहा है यह एक सोचने बिंदु है शिवपुरी से लेकर कोलारस तक के गांजा के शौकीन लोग यहां पर गाजा लेने जाते हैं खराब भी यहां पर चोरी चुपे किराना दुकानों जनरल स्टोर पर बेची जा रही है।

कुल मिलाकर नशे का कारोबार कोलारस सहित अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचलों में दिन-प्रतिदिन फल फूलरहा है यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो नशे की गिरफ्त में फंसे युवा वर्ग कभी भी कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं प्रशासन जहां नशे पर अंकुश लगाने के लिए प्रेस नोट समाचार पत्रों में जारी करता है परंतु ठोस कार्यवाही नहीं करता और नशे की तह तक नहीं पहुंचता जिसके चलते युवा पीढ़ी इस नशे की गिरफ्त में फसती जा रही है नशा करने वाले लोगों को अंतिम समय में मौत ही हासिल होती है और कुछ नहीं

लुकवासा सहित ग्रामीण अंचलों में चल रहा है सट्टे का कारोबार

कोलारस नगर से लेकर ग्रामीण अंचल लुकवासा में बड़े पैमाने पर सट्टे का कारोबार किया जा रहा है कोलारस मैं अनेक स्थानों होटलोपर सटोरिए आज कौन सा अंक आएगा सोच में डूबे हुए दिखाई देते हैं और मोबाइल के जरिए सट्टे का अंक लगाया जा रहा है सट्टे के इस कारोबार में अधिकांश कर्मचारी वर्ग भी फंसा हुआ है सबसे अधिक युवा वर्ग सट्टे के रटटेमें फंसता जा रहा है एक के 80लेने के चक्कर में अनेक लोग अपनी जमा पूंजी तक गवा चुके हैं और बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं पुलिसपशासन अखिर क्यों कार्रवाई करने से कतरा रहा है नशे का कारोबार कर रहे लोगों पर क्यों अंकुश नहीं लगा पा रहा यह समझ से परे है

धार्मिक स्थलों के आसपास भी बिक रही शराब?

कोलारस के अंतर्गत आने वाली ग्रामीण अंचल बूढ़ी राई में स्थित प्राचीन प्रसिद्ध भैरव बाबा जी के मंदिर के आसपास शराब का विक्रय यहां संचालित दुकानों पर चोरी चुपे किया जा रहा है पुलिस प्रशासन को पता होने के बावजूद भी शराब बेचने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं की जा रही जबकि यह प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है यहां पर कोलारस सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से लेकर अशोकनगर शिवपुरी ईसागढ़ मुगावली गुना तक के लोग भैरव बाबा जी के दर्शनों के लिए आते हैं परंतु कितने सोचने वाली बात है कि यहां पर धार्मिक स्थान के पास शराब का विक्रय अनेक दिनों से किया जा रहा है जो कि नियमों के विरुद्ध है शाम होते ही यहां पर शराबी घूमते हुए दिखाई देती हैं।

जिससे यहा आने वाले भैरव बाबा जी के भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ता है बड़े पैमाने पर ग्रामीण अंचलों में शराब का विक्रय चल रहा है अधिकांश गांवों में कच्ची शराब तक बनाई जा रही है इस कच्ची शराब को पीने के बाद शराबी मौत के मुंह में समा सकता है परंतु पुलिस प्रशासन के मोहन होने से कच्ची शराब बनाने वाले लोगों के हौसले बुलंद हैं और वे अधिक लाभ कमाने के चक्कर में लोगों को बर्बाद कर रहे हैं साथ ही धार्मिक स्थल पर बिक रही शराब पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जा रहा है यह एक सोचनीय विषय है।