चुनाव ड्यूटी को लेकर विवाद : SI ने BRC को चांटा मारने की धमकी दी। ASP ने कराई सुलह | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। कल शाम सर्किट हाउस में चुनाव प्रेक्षक के लाइजनिंग अफसर (बीआरसी) अंगद सिंह तोमर का डयूटी पर तैनात आबकारी के एसआई संदीप लोहानी को चुनाव की डूयूटी को लेकर विवाद हो गया। बताया गया हैं कि एसआई ने बीआरसी की पुलिसिया अंदाज में ठसाई कर दी। जिससे बीआरसी ने वरिष्ठ अधिकारियो से शिकायत करते हुए आत्महत्या करने की बात कही। 

जानकारी के अनुसार कल शाम सर्किट हाउस में बीआरसी और आबकारी के एसआई के बीच प्रेक्षक को रिसीव करने बस से ग्वालियर जाने को विवाद हो गया। बताया गया है कि बीआरसी ने कहा कि मैं ग्वालियर बस से नही कार से जाता है। इस बस और कार से जाने को लेकर दोनो में विवाद हो गया। एसआई ने बीआरसी को चांटा मारने की धमकी दे दी। इससे दुखी बीआरसी ने कलेक्टर शिवपुरी अनुग्रह पी और आबकारी जिला अधिकारी वंदना पांडे से रोते हुए आत्महत्या तक करने की बात कह दी। बाद में एएसपी ने दोनों को समझाया और गले मिलवा दिया। 

बीआरसी अंगद सिंह ने बताया कि 21 साल की नौकरी में पहली बार किसी ने उनसे बदतमीजी से बात की और चांटा मारने की धमकी दी जबकि वह लाइजिंग अधिकारी होने के नाते चुनाव प्रेक्षक पुलिस ग्वालियर को लेने के लिए जाने वाले थे, लेकिन सब इंस्पेक्टर ने मुझसे कहा कि वह चार पहिया के बजाए बस से ग्वालियर जाएं। 

मैंने ऐसा करने से मना किया तो वह मुझे धमकी देने लगे। इसकी सूचना मिलने पर एएसपी राजेंद्र सिंह कंवर अपनी गाड़ी से सर्किट हाउस आए और लाइजनिंग अधिकारी के साथ आबकारी इंस्पेक्टर को बुलाकर समझाया।समझाइश के बाद दोनों मान गए और बोले कि अब हमारे बीच कोई विवाद नहीं है। इसके बाद दोनों ने गले लगकर एएसपी के सामने ही इस घटना को विराम दे दिया और फिर साथ- साथ चाय भी पी। 

इनका कहना हैं
मेरा ऐसा कोई विवाद नहीं हुआ और ना ही मैंने ऐसा कुछ कहा। मैं तो इनसे सॉरी भी बोल चुका था, लेकिन जबरन अधिकारियों को फोन कर मामले को तूल दिया। अब हमारे बीच ऐसा कोई विवाद नहीं है । 
संदीप लोहानी ,आबकारी सब इंस्पेक्टर शिवपुरी 

दोनों गले मिल गए हैं, अब उनके बीच कोई विवाद नहीं है 
जहां चार बर्तन होते हैं, वहां उनकी आवाज आ ही जाती है। ऐसा कोई मामला नहीं था। दोनों गले मिले हैं और एक दूसरे का सहयोग करने की बात भी कह रहे हैं। 
गजेंद्र सिंह कंवर, एडिशनल एसपी शिवपुरी 

आत्महत्या का विचार आया 
21 साल की नौकरी में किसी ने चांटा मारने की बात कही। जो असहनीय थी। इस वजह से आत्महत्या का भी विचार आया, लेकिन अधिकारियों की समझाइश के बाद हमारे बीच विवाद नहीं रहा। अंगद सिंह तोमर, बीआरसी व लाइजनिंग अधिकारी पुलिस पर्यवेक्षक