भोपाल। शिवपुरी जिले की कोलारस अनुविभाग के खरई गांव में निवास करने वाली एक 24 साल की महिला अपनी डेढ साल की बेटी के साथ प्रयागराज जा रही थी। बताया जा रहा है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस के जनरल कोच के डिब्बे से उसकी डेढ साल की बेटी को कोई चुरा कर ले गया। इस मामले को ग्वालियर जीआरपी ने टॉस्क् के तरह लिया और 24 घंटे मे इस अपहरण काण्ड के आरोपियो तक पहुंचते हुए मासूम को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस एक ऐसे लिव-इन कपल तक जा पहुंची, जिन्होंने औलाद की चाहत में इस मासूम का अपहरण कर लिया था।
3 अगस्त की रात शिवपुरी जिले (कोलारस तहसील) के ग्राम खरई की रहने वाली 24 वर्षीय अनीता जाटव अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ बुंदेलखंड एक्सप्रेस के जनरल कोच में प्रयागराज जाने के लिए बैठी थीं। तभी उनके सामने आकर बैठा एक अनजान शख्स बातों ही बातों में उनका विश्वास जीतने लगा। सफर की थकान और सामान व्यवस्थित करने की आपाधापी में जैसे ही अनीता का ध्यान भटका, वह शख्स पलक झपकते ही बच्ची को लेकर ट्रेन से रफूचक्कर हो गया।
150 कैमरे और एक्टिवा का सुराग
मासूम के गायब होते ही रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों (एडीजीपी रेल राजाबाबू सिंह, आईजी रेल पंकज श्रीवास्तव और एसपी रेल अंकित जायसवाल) के निर्देश पर तुरंत एक विशेष जीआरपी टीम का गठन किया गया।
अपहर्ता का चेहरा स्टेशन के सीसीटीवी में कैद हो चुका था। पुलिस ने स्टेशन से लेकर शहर के प्रमुख चौराहों, होटलों और गलियों तक करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की एक-एक मिनट की रिकॉर्डिंग खंगाल डाली। इसी दौरान पुलिस के हाथ एक अहम सुराग लगा-फुटेज में एक महिला और पुरुष बच्ची को एक 'एक्टिवा' स्कूटर पर ले जाते दिखे।
दरगाह के पास अपार्टमेंट में दबिश और रेस्क्यू
इसी सुराग के आधार पर पुलिस गांधी नगर स्थित पीर बाबा दरगाह के पास एक अपार्टमेंट तक पहुंची। यहां दबिश देकर पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से 42 वर्षीय संजय राय और उसके साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही 35 वर्षीय शिवानी राय को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि संजय अपनी पत्नी से करीब पांच वर्षों से अलग रह रहा है। उसकी पत्नी दिल्ली में रहती है और उसके तीन बच्चे हैं। वहीं शिवानी भी अपने पति से अलग रह रही थी और दोनों पिछले चार वर्षों से लिव-इन रिलेशन में रह रहे थे।
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई कि दोनों के पास कोई बच्चा नहीं था और इसी कारण उन्होंने बच्ची का अपहरण किया। हालांकि जीआरपी अभी इस बात की गहन जांच कर रही है कि उनका वास्तविक उद्देश्य बच्ची को अपने पास रखना था या फिर उसे कहीं बेचने की साजिश रची जा रही थी।
अपहरण की असली वजह क्या?
शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस जोड़े ने बच्चा न होने की वजह से मासूम का अपहरण किया था। हालांकि, जीआरपी इस एंगल से भी गहराई से जांच कर रही है कि कहीं मासूम को बेचने की कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी। फिलहाल, पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है और बच्ची को सुरक्षित उसकी मां अनीता जाटव को सौंप दिया गया है। बच्ची को वापस पाकर मां की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
