शिवपुरी। शिवपुरी शहर के लिए यह एक सकारात्मक खबर है,जहां सकारात्मकता का लेवल ब्लैक लिस्टेड था,वहां अब समाधान की शुरुआत हो चुकी है,क्यो की कलम के सिपाहियों ने झाड़ू उठा ली है। यहां कुछ नही बदला केवल एक सोच बदली और शिवपुरी के गंदे सार्वजनिक स्थलों की दशा और दिशा दोनो की बदल गई। कहते है कि युवा मनमर्जी होता है सोशल जैसे शब्द केवल मोबाइल पर ही आकर उसके लिए खत्म हो जाते है लेकिन शिवपुरी की ओम उत्थानम समूह के युवाओं ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है। ये वे युवा हैं जो दिन भर प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) की तैयारी में पसीना बहाते हैं, लेकिन हर रविवार सुबह 8 से 11 बजे तक इनका पता लाइब्रेरी नहीं, बल्कि शहर के गंदे पड़े पार्क और सार्वजनिक स्थल होते हैं।
लाइब्रेरी की एक चर्चा ने बदली सोच
इस सफर की शुरुआत सितंबर 2025 में हुई। एक लाइब्रेरी में पढ़ाई के दौरान जब योगेन्द्र व्यास और उनके साथियों ने महसूस किया कि सिर्फ अपने लिए जीना भी क्या जीना है, तो ओम उत्थानम का जन्म हुआ। आज इस टोली में अनिल सिंह गौर, शिवराज यादव, हर्ष राठौर और शिवानी गुप्ता जैसे करीब 30 जांबाज युवा शामिल हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के शिवपुरी की सूरत बदल रहे हैं।
सिर्फ सफाई नहीं, जगा रहे हैं संस्कार
पिछले 7 महीनों से ये युवा तात्या टोपे पार्क, पोलोग्राउंड और भवैयाकुंड जैसे स्थलों की कायापलट कर चुके हैं। इनका संकल्प इतना अटूट है कि इनका कहना है-आज शिवपुरी संवार रहे हैं, कल नौकरी के बाद जिस भी शहर में होंगे, वहां श्रमदान का यह सिलसिला जारी रहेगा।
ओम उत्थानम समूह के युवाओं का कहना है कि कलम के साथ झाड़ू हमारे करियर को लिए ऊर्जा देता है। हम और आप सब यह सोचते है कि सफाई करना नगर पालिका का काम है। लेकिन यह शहर मेरा है, तो जिम्मेदारी भी मेरी है'। इससे आम जनता में नागरिक बोध जागा है। युवाओ को कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र अक्सर तनाव और अकेलेपन का शिकार होते हैं। रविवार का यह 3 घंटे का श्रमदान उन्हें मानसिक शांति, टीम वर्क और समुदाय से जुड़ाव का मौका देता है। इन युवाओं ने कई स्थानों पर पौधारोपण कर 'ग्रीन शिवपुरी' की नींव रखी है। यह भविष्य के ग्लोबल वार्मिंग संकट का स्थानीय समाधान है।
शिवपुरी समाचार का सार
शिवपुरी के ये युवा साबित कर रहे हैं कि समाज को कोसने के बजाय, खुद एक छोटा सा कदम उठाना बदलाव की सबसे बड़ी शुरुआत है। यदि देश का हर युवा अपनी पढ़ाई के साथ समाज के लिए 3 घंटे दे, तो भारत को 'स्वच्छ' और 'स्वस्थ' बनने से कोई नहीं रोक सकता।
मुख्य टोली के सदस्य: योगेन्द्र व्यास, अनिल सिंह गौर, शिवराज यादव, हर्ष राठौर, शिवानी गुप्ता, अनमोल, आयुष, भानू, भावना, प्रशांत, सुभाषनी, आयुष्मान, राज, सीमा, रीमा, सागर और आदित्य।
