आधी रात दुकान-मकान और गोदाम को आग ने घेरा, आग बुझाने के लिए तोडनी पडी जेसीबी से दीवार

Adhiraj Awasthi

बदरवास। शिवपुरी जिले के बदरवास कस्बे के वार्ड क्रमांक 6 में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक व्यापारी की किराना दुकान और पीछे बने गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप ले लिया। दुकान के ऊपर ही व्यापारी अपने परिवार के साथ रहता था, इसलिए सबसे पहले परिवार को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। इसके बाद दमकल, पुलिस और नगर पंचायत की टीम ने मौके पर पहुंचकर घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस आगजनी में व्यापारी ने करीब 10 से 15 लाख रुपए के नुकसान का दावा किया है। आग से न सिर्फ दुकान और गोदाम का सामान जलकर खाक हो गया, बल्कि मकान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रात 1 बजे अचानक उठने लगा धुआं
जानकारी के अनुसार, वार्ड 6 निवासी व्यापारी विष्णु सिंघल के मकान के नीचे किराने की दुकान और पीछे गोदाम बना हुआ है, जबकि ऊपर उनके परिवार का निवास है। गुरुवार-शुक्रवार की रात करीब 1 बजे अचानक घर के भीतर अजीब सी गर्माहट महसूस हुई और दूसरी मंजिल की छत गर्म होने लगी। इसके साथ ही धुआं उठता दिखाई दिया। स्थिति को भांपते ही व्यापारी विष्णु सिंघल और उनके परिवार के लोग घबराकर जाग गए। जब वे नीचे पहुंचे तो देखा कि दुकान और पीछे गोदाम में आग धधक रही थी। कुछ ही पलों में आग ने अपना फैलाव बढ़ा लिया और पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया।

परिवार को पहले बचाया गया, फिर शुरू हुआ राहत कार्य
घटना के समय व्यापारी विष्णु सिंघल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ घर के अंदर ही मौजूद थे। ऐसे में सबसे पहले स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों ने मिलकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। आसपास के लोग भी मौके पर एकत्रित हो गए और तुरंत नगर परिषद उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह यादव तथा पार्षद राहुल जाट को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और नगर पंचायत का अमला मौके पर पहुंचा। 

बिजली सप्लाई बंद कर शुरू हुआ ऑपरेशन
आग लगने के दौरान सबसे बड़ा खतरा बिजली करंट का था। चूंकि दुकान, गोदाम और मकान रिहायशी इलाके में स्थित थे, इसलिए बिजली कंपनी की टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत बिजली सप्लाई बंद कराई। इसके बाद दमकल वाहन ने आगे की ओर से आग बुझाने का काम शुरू किया, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि सिर्फ बाहर से पानी डालना काफी नहीं था। पीछे बने गोदाम तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में जेसीबी मशीन बुलाकर पीछे की दीवार तोड़ी गई, ताकि अंदर धधक रही आग तक पहुंचकर सामान बाहर निकाला जा सके।

जेसीबी से दीवार तोड़ी, सुबह तक चला राहत कार्य
घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग पर काबू पाने में करीब 2 से 3 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार की, वहीं पीछे से जेसीबी की मदद से रास्ता बनाकर गोदाम में फंसा सामान बाहर निकाला गया। आग के कारण दुकान के अंदर रखा किराना माल, दैनिक उपयोग का स्टॉक, गोदाम का सामान और अन्य सामग्री जलकर पूरी तरह राख हो गई। सुबह तक जैसे-तैसे आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक व्यापारी को भारी नुकसान हो चुका था।

सबकुछ बर्बाद हो गया, रोते रहे व्यापारी और परिजन
इस दर्दनाक घटना के बाद व्यापारी विष्णु सिंघल और उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था।
परिवार के लोग मौके पर सिर्फ एक ही बात कह रहे थे,हमारा सब कुछ खत्म हो गया। व्यापारी का कहना है कि आगजनी में उसकी पूरी दुकान का माल, गोदाम में रखा स्टॉक और मकान का हिस्सा बुरी तरह नष्ट हो गया। उसने बताया कि इस घटना से वह अब पूरी तरह आर्थिक संकट में आ गया है।

तीन गैस सिलेंडर समय रहते निकाले, टला बड़ा हादसा
इस पूरी घटना में एक और बड़ा खतरा सामने आया। बताया जा रहा है कि व्यापारी विष्णु सिंघल ने अपनी दुकान के पास वाली एक दुकान किराए पर दे रखी थी। उस दुकान के अंदर तीन घरेलू गैस सिलेंडर भरे हुए रखे थे। जैसे ही आगजनी की घटना हुई, किराएदार भी मौके पर पहुंचा और उसने समय रहते तीनों सिलेंडरों को बाहर निकाल लिया। अगर यह सिलेंडर आग की चपेट में आ जाते, तो भीषण विस्फोट हो सकता था, जिससे न सिर्फ आसपास की दुकानें और मकान, बल्कि कई लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।

घटना ने छोड़े कई सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि रिहायशी इलाकों में बनी दुकानों और गोदामों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं होते। अगर समय रहते परिवार को बाहर नहीं निकाला जाता और गैस सिलेंडर नहीं हटाए जाते, तो यह हादसा बदरवास के सबसे बड़े अग्निकांडों में से एक बन सकता था।