शिवपुरी में स्वामी नीलमणि दास महाराज के सानिध्य में रूस और यूक्रेन के शिष्यों ने ली दीक्षा

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शिवपुरी जिले में स्थित सुप्रसिद्ध खेड़ापति दरबार में सात समंदर पार के देशों को भी एक सूत्र में पिरो दिया है। पूज्य स्वामी नीलमणि दास जी महाराज के सानिध्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए रूस, अमेरिका, यूक्रेन और इजरायल जैसे देशों से बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु शिवपुरी पहुँचे हैं।

युद्ध के बीच शांति
वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की स्थितियों को दरकिनार कर रूस और यूक्रेन के श्रद्धालु यहाँ एक ही यज्ञ वेदी पर साथ बैठकर आहुतियां दे रहे हैं। स्वामी जी के मार्गदर्शन में ये विदेशी शिष्य न केवल शुद्ध संस्कृत मंत्रों का उच्चारण कर रहे हैं, बल्कि पूरी श्रद्धा के साथ सनातन पद्धति को अपने जीवन में उतार रहे हैं।

वैदिक अनुष्ठान और मंत्रोच्चार
खेड़ापति दरबार में आयोजित यज्ञ के दौरान जब ये विदेशी श्रद्धालु पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में स्वाहा के साथ आहुति देते हैं, तो पूरा परिसर भक्तिमय हो जाता है। स्वामी नीलमणि दास जी महाराज ने बताया कि सनातन धर्म की जड़ें मानवता और प्रेम पर आधारित हैं, यही कारण है कि दुनिया के हर कोने से लोग शांति और आत्मिक सुख की तलाश में यहाँ खिंचे चले आ रहे हैं।

विश्व एक परिवार
यह दृश्य इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सच्ची श्रद्धा और गुरु के प्रति समर्पण के आगे भौगोलिक सीमाएं बेमानी हो जाती हैं। विदेशी शिष्यों का यह प्रेम और समर्पण बताता है कि भारतीय संस्कृति की गूँज अब वैश्विक स्तर पर और अधिक गहरी होती जा रही है। स्थानीय नागरिकों में भी इन विदेशी मेहमानों के प्रति भारी उत्साह है और वे इस अंतरराष्ट्रीय समागम के साक्षी बन रहे हैं।