Shivpuri News, जल जाएगी मेरी फसल, कहीं और जलाओ मुर्दा, अतिक्रमणकारियों ने रोका अंतिम संस्कार

Adhiraj Awasthi

कोलारस। शिवपुरी जिले के कोलारस जनपद के पचावला पंचायत के सजाई गांव में अपनी बेटी के निवास करने वाले श्यामलाल के शव को अपने अंतिम संस्कार के लिए घंटों इंतजार करना पडा,इतना ही नहीं श्मशान में शव को मुखाग्नि नहीं देने गई,इसलिए परिजनों ने शव को सड़क पर छोड़कर जाने को मजबूर होना पडा। बताया जा रहा हैं कि क्योंकि गांव के मुक्तिधाम की जमीन पर अतिक्रमण की फसल लहलहा रही थी।

बेटी के घर ली अंतिम सांस, पर श्मशान में नहीं मिली जगह
मृतक श्यामलाल जाटव, जिनका अपना कोई पुत्र नहीं था, पिछले काफी समय से ग्राम सजाई में अपनी बेटी के पास रह रहे थे। शुक्रवार को उनका देहांत हो गया। चूंकि सजाई गांव में मुक्तिधाम की उचित व्यवस्था नहीं थी, परिजन सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए शव को पास के ग्राम पचावला स्थित मुक्तिधाम ले गए। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यहाँ मौत से बड़ी चुनौती जीवित लोगों का लालच बनेगा।

फसल जल जाएगी, लाश वापस ले जाओ
जैसे ही परिजन शव लेकर मुक्तिधाम पहुंचे, वहां जमीन पर अतिक्रमण कर गेहूं की फसल उगाने वाले दबंग ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया। अतिक्रमणकारियों का तर्क संवेदनहीनता की पराकाष्ठा था, उनका कहना था कि अगर यहाँ चिता जली, तो उनकी गेहूं की फसल झुलस जाएगी। परिजनों के लाख गिड़गिड़ाने के बावजूद उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया।

सड़क पर पड़ा रहा शव, ग्रामीणों के हस्तक्षेप से हुई विदाई
अपमान और दुख से भरे परिजन जब व्यवस्था से हार गए, तो उन्होंने बुजुर्ग के शव को सड़क पर ही रख दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि परिजन क्षोभ में आकर शव को वहीं छोड़कर जाने को तैयार हो गए। बाद में गांव के कुछ संवेदनशील बुजुर्गों ने हस्तक्षेप किया और विवाद को शांत कराकर नदी के किनारे असुरक्षित स्थान पर मृतक की देह को मुखाग्नि दिलाई गई।

जिम्मेदारों के हैरान करने वाले बयान
पचावला सचिव ब्रजमोहन जाटव का कहना था कि मुक्तिधाम पर कब्जा है, फसल सूखने के बाद अतिक्रमण हटवाया जाएगा। वही सजाई सचिव  महेश रघुवंशी ने कहा कि हमारे यहाँ भी मुक्तिधाम है वहां क्यों नहीं ले गए ?