Shivpuri News, न्याय की आस में SP अंकल के पास पहुंचे स्टूडेंट्स,थाने में धमकाया बेइज्जत किया गया

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शिवपुरी के देहात थाना सीमा में बीते 27 फरवरी की रात बजरंग दल के जिला संयोजक उपेन्द्र यादव और शिवपुरी के आरके पुरम में रहने वाले 2 स्टूडेंट के बीच विवाद अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में देहात थाना पुलिस ने 19 साल के स्टूडेंट्स के खिलाफ रंगदारी का मामला दर्ज करते हुए जेल भेज दिया था। जमानत पर जेल से छूटकर आए दोनो स्टूडेंट्स आज अपने परिजनों के साथ एसपी शिवपुरी से न्याय की आस मे आए थे।

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी आर.के. पुरम निवासी बीए प्रथम वर्ष के छात्र दिव्यम सैनी और इंजीनियरिंग छात्र आशुतोष लोधी पर बजरंग दल नेता उपेन्द्र यादव की कार में तोड़फोड़ का आरोप है,देहात थाना पुलिस ने दिव्यम सैनी और आशुतोष लोधी पर कार की तोड़फोड़ का मामला दर्ज किया था। इस मामले मे फरियादी का कहना था कि यह दोनो दारू और मुर्गा के लिए 2 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। पैसा ना देने पर इन दोनो युवको ने मारपीट करते हुए कार की तोड़फोड़ कर दिी।

घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, हालांकि बाद में उन्हें न्यायालय से जमानत मिल गई थी। सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचे दोनों छात्रों ने दावा किया है कि उन्हें इस पूरे विवाद में झूठा फंसाया गया है।

दोनो स्टूडेंट्स का कहना है की घटना वाली  रात झांसी तिराहे पर उपेंद्र यादव का कार और हमारा ओला स्कूटर आपस मे टकरा गया था,कार टकराने के बाद ओला स्कूटर गिर गया था। इस बात पर उपेन्द्र और हमारे  बीच झगडा हुआ था। उपेन्द्र ने अपनी कार से बेसबॉल का डंडा निकालकर हमारी मारपीट कर दी,और हमारी गाड़ी फोड़ दी हम डर के मार वहां से भाग गए।

हम अपनी रिर्पोट कराने के लिए देहात थाने गए थे,वहां उपेन्द्र यादव पहले से अपने साथियों के साथ मौजूद था। जहां हमारी कोई भी बात नहीं सुनी गई,बल्कि उल्टा देहात थाना टीआई ने अपने आफिस में हमसे उपेन्द्र यादव के पैर छुलवाए और माफी मगवाई गई,उपेन्द्र यादव और उसके साथी हमे पुलिस के सामने ही डरा धमका रहे थे और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। स्टूडेंट सैनी का कहना है कि पुलिस के सामने ही मुझे सामाजिक अपमान करने वाली गालिया दी जा रही थी,पुलिस केवल मूक दर्शक बनकर तमाशा देख रही थी।

स्टूडेंट्स सैनी ने मीडिया से कहा कि यह पूरा घटनाक्रम देहात थाने के कैमरो में कैद है। इस प्रकार झूठा मामला दर्ज कर हमे स्टूडेंटस से अपराधी बना दिया है। झूठे केस में हमें 8 दिन तक  अपराधियों की तरह जेल में रहना पडा। यह झूठा केस हमारा करियर खत्म कर सकता है। इसलिए हम एसपी अंकल के पास न्याय की गुहार लगाने के लिए आए है कि हमारे केस की पुन:जांच हो और देहात थाने के कैमरो को चेक कराया जाए और दोषी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाए।